सप्रेक

सप्रेकः मैंने शादी में पौधा लगाने का वचन जोड़ दिया, नतीजे आश्चर्यजनक रहे

Poonam

December 6, 2017

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राजस्थान के हमनुमानगढ़ ज़िले की नोहर तहसील स्थित फेफ़ना गांव के रहने वाले श्याम सुंदर ज्याणी क़रीब पिछले एक दशक से पौधे लगा रहे हैं.

पौधे लगाना ही उनका जीवन है. ज्याणी मानते हैं कि मौजूदा दौर की अनेक परेशानियों की वजह पौधों को नज़रअंदाज़ करना है.

पेड़ों के कटान से ही भूजल कम होता है, बाढ़ भयावह हो जाती हैं और ज़मीन का कटान भी अधिक होता है.

ज्याणी पेशे से अध्यापक हैं और अपने छात्रों को पौधे लगाने की प्रेरणा देते हैं.

#Familialforestryनमस्कार, विद्यार्थियों के सहयोग से महाविद्यालय में पारिवारिक वानिकी पौधशाला का विकास किया जा रहा है। …

Geplaatst door Shyam Sunder Jyani op zaterdag 2 september 2017

 

उन्होंने शादी में पौधारोपण का आठवां वचन भी जोड़ा और लोगों को अपनी शादी पर पौधे लगाने की प्रेरणा भी दी.

ज्याणी ने ऐसा पौधारोपण को संस्कृति का हिस्सा बनाने के लिए किया. वो नवदंपतियों को पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का प्रण लेने के लिए प्रेरित करते हैं.

ज्याणी कहते हैं कि यदि पौधारोपण करने के बाद उनकी देखभाल न हो तो फिर उससे कुछ हासिल नहीं होता.

Geplaatst door Shyam Sunder Jyani op zaterdag 21 oktober 2017

 

ज्याणी मानते हैं कि यदि लोग शादी ब्याह में पौधारोपण करने की परंपरा डालेंगे तो ये एक पीढ़ि से दूसरी पीढ़ि में अपने आप ही बढ़ जाएगी.

यही नहीं उन्होंने शादी समारोह में शामिल होने वाले लोगों को फलदार पौधे भेंट करने की परंपरा भी शुरू करवाई है.

ज्याणी फलदार वृक्षों के रोपण पर ज़ोर देते हैं इससे न सिर्फ़ हरियाली बनी रहेगी बल्कि लोगों को पोषण भी मिलेगा.

#Familialforestryभगत सिंह जयंती पर पारिवारिक वानिकी के तहत 21000 पौधों का वितरण और रोपणगांव घेऊ, भादरा, राजस्थानमान…

Geplaatst door Shyam Sunder Jyani op donderdag 28 september 2017

ज्याणी हर मौके का जश्न पौधारोपण करके मनाते हैं. यही नहीं वो अपनों की याद में भी पौधे ही लगाते हैं.

उन्होंने अपनी नानी का देहांत होने पर भी पौधे लगाए थे.

ज्याणी के अभियान के असर से अब तक राजस्थान के करीब ढाई हज़ार गांवों में छह लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं.

उन्हें इस काम के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है.


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