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जज्बाः किसी ने नहीं सुनी पुकार, गांव वालों ने ख़ुद बनाया पुल

Poonam

December 7, 2017

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लोग टैक्स देते हैं ताकि सरकार उन तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचा सकेभले ही आज भारत में खानेपीने से लेकर आम ज़रूरत की हर चीज़ पर टैक्स हो और सरकार को इससे भारी राजस्व भी मिल रहा है लेकिन अभी भी देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जो विकास से दूर हैं.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में कठिना नदी के आसपास के गांवों का भी ऐसा ही हाल है.

भीकमपुर और आसपास के गांवों के हज़ारों लोग लंबे समय से पुल न होने की वजह से परेशानी का सामना कर रहे थे.

ग्रामीणों ने हर स्तर पर पुल बनवाने के लिए आवाज़ उठायी लेकिन जब सरकार ने कुछ नहीं किया तो लोगों ने पुल बनाने का जिम्मे अपना सर ले लिया.

स्थानीय अख़बार अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब लोगों ने चंदा कर पुल बनाने का काम ख़ुद ही शुरू कर दिया है.

पुल बन जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय मितौली और ज़िला मुख्यालय आने के लिए नौ किलोमीटर कम सफर करना पड़ेगा.

फिलहाल ग्रामीणों को जंगल के रास्ते शहर आना पड़ता है.

दरअसल घुमावदार कठिना नदी ने डोकरपुर, भावदाग्रंट, हकीमपुर, हरीशपुर और भीकमपुर आदि गांवों के लोगों को इस तरह घेर लिया है कि उन्हें जंगल का लंबा रास्त तय करके शहर पहुंचना पड़ता है.

गांव के लोग कई बार अधिकारियों और नेताओं से नदी पर पुल बनाने की मांग को लेकर मिले लेकिन पुल नहीं बन सकाय

पचास फुट लंबा और बीस फुट चौड़ा पुल बन जाने से गांववालों का रास्ता नौ किलोमीटर कम हो जाएगा.

जब कहीं से बात नहीं बनी तो ग्रामीणों ने दस लाख रुपए चंदा जुटाकर ख़ुद ही पुल बनाना शुरू कर दिया है.

स्रोतः अमर उजाला


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