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गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियां …

तर्कसंगत

January 26, 2018

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आज देश 69वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. भारतीय इतिहास में पहली बार आसियान के दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे हैं. तर्कसंगत आपसे गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा कर रहा है.

1)26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू हुआ. इसके ठीक 6 मिनट बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पहले राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली. 10.30 मिनट पर 31 तोपों की सलामी के साथ इसका एलान किया गया.

2) भारतीय संविधान ना ही टाईप किया गया था और ना इसका प्रिंट निकाला गया था. ये हिंदी और अंग्रेजी भाषा में हाथ से लिखा गया था. शांति निकेतन के राममनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस जैसे आर्टिस्ट ने इसके हर पन्ने को खूबसूरती से उकेरा. संसद की लाइब्रेरी इसकी ओरिजिनल कॉपी हीलियम केसेस में रखी गई है. करीब 2 साल 11 महीने और 17 दिन में बना भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है. 24 जनवरी 1950 को 284 मेंबर्स के साइन के साथ संविधान बनने की प्रक्रिया पूरी हुई थी.

3) भारतीय संविधान के नीति वाक्य सत्यमेव जयते को महामना मदन मोहन मालवीय ने चुना था. और अथर्ववेद से लिए गए इस वाक्य को 1911 में आबिद अली नाम ने हिंदी में ट्रांसलेट किया था.

4) 1950 से 1954 के बीच गणतंत्र दिवस समारोह लालकिला, नेशनल स्टेडियम, किंग्सवे कैम्प और रामलीला ग्राउंड में हुआ. 1955 से राजपथ को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए चुना गया.

5) 1959 से दर्शकों पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने की परंपरा शुरू हुई. 1953 में लोक नृत्य और आतिशबाजी को परेड में शामिल किया गया.

6) 1970 से राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी देने की परंपरा शुरू हुई.

7) रिपब्लिक डे परेड और बीटिंग रिट्रीट के टिकटों के बिक्री 1962 में शुरू की गई.1965 और 1971 में बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन नहीं किया गया.

8) 1952 में सेना के बैंड ने पहली बार महात्मा गांधी की मनपसंद धुन “वैष्णव जन’ बजाई थी.

9) गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख को इसलिए चुना गया,क्योंकि ये पूर्ण स्वराज्य दिवस की एनिवर्सिरी थी. पूर्ण स्वराज्य दिवस 1930 में मनाया गया था.

10)आज इस कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए 50,000 जवान तैनात किए गए हैं, लेकिन पहले रिपब्लिक डे पर सुरक्षा घेरे जैसा कोई प्रबंध नहीं था.

ये हैं रिपब्लिक डे का अहम हिस्सा

1) अमर जवान ज्योति
14 घोड़ों की बग्घी में बैठकर प्रेसिडेंट इंडिया गेट आते हैं और यहां पर पीएम उनका स्वागत करते हैं. 1973 में इंदिरा गांधी ने इसी जगह अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा शुरू की.

2) परेड
राजपथ पर होने वाली परेड की तैयारी अगस्त से शुरू हो जाती है. परेड के लिए एक जवान करीब 600 घंटे प्रैक्टिस करता है. परेड रायसीना हिल्स से लालकिला तक जाती है. इस दौरान ये 8 किलोमीटर तक का सफर तय करती है.

3) बहादुरी पुरस्कार
गणतंत्र दिवस पर बहादुर बच्चों को अवॉर्ड दिए जाते हैं. भारतीय बाल कल्याण परिषद ने 1957 में इन पुरस्कारों का सिलसिला शुरू किया था. 1960 में पहली बार इन बहादुर बच्चों को हाथी पर बैठाकर परेड में शामिल किया था.

4) मेहमान
पहले रिपब्लिक डे से ही विदेशी मेहमानों को न्योता देने की परंपरा रही है. 1950 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो मेहमान बने थे. राजपथ पर हुई पहली परेड में पाकिस्तान के गवर्नर जनरल गुलाम मोहम्मद चीफ गेस्ट थे. 2015 में पहली बार अमेरिका के प्रेसिडेंट चीफ गेस्ट बने. तब मोदी ने बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस समारोह का न्योता दिया था.

PC- Jagran.com


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