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केरलः सड़क पर तड़पता रहा घायल, गुज़रते रहे लोग

तर्कसंगत

January 30, 2018

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केरल के कोची में एक युवक एक लॉज की तीसरी मंज़िल से गिर गया. लोग उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाए तमाशबीन बने रहे.

घटना शहर के पदमा जंक्शन की है जहां युवक करीब पंद्रह मिनट तक घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा रहा और लोग देखते रहे.

बाद में हाई कोर्ट की एक वकील ने युवक को अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी जान बचायी जा सकी. रजनी नाम की इस महिला वकील ने भी लोगों से घायल की मदद करने की गुहार लगाई थी.

थ्रिसूर के रहने वाले साजी कोची लोज के कॉरिडोर में बेहोश होकर नीचे गिर गए थे.

वो नीचे सड़क किनारे गिरे और वहीं पंद्रह मिनट तक पड़े रहे. इस दौरान आने-जाने वाले लोग गुज़रते रहे.

मलयालम मनोरमा की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब साजी घायल पड़े थे तब कई लोग वहां से गुज़रे लेकिन उनकी मदद नहीं की.

घटना से निराश केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने फ़ेसबुक पर किए एक पोस्ट में आम लोगों से दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने की अपील की है.

Kerala chief minister Pinarayi Vijayan said the woman’s intervention to rush the man to hospital should be emulated by all.

विजयन ने लोगों को वो क़ानूनी प्रावधान भी याद दिलाया जिसके तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोग अपनी पहचान गुप्त रख सकते हैं और पूछताछ से बच सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश दिए हैं कि किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले अपनी पहचान गुप्त रख सकते हैं और बिना बताए अस्पताल से जा भी सकते हैं.

गुड समारिटन प्रावधानों के तहत न ही अस्पताल और न ही पुलिस किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को रोक सकता है.

केरल में इस समय एक नया प्रावधान भी लागू है जिसके तहत किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति का किसी भी अस्पताल में पहले 48 घंटे का इलाज मुफ्त है.

अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी घायल व्यक्ति या किसी भी व्यक्ति की जान बचाना एक महान काम है.

वहीं चर्चित मलयाली कलाकार जयासूर्या ने भी फ़ेसबुक लाइव वीडियो पर लोगों से घायलों की मदद करने की अपील की है.

जयासूर्या ने अपने वीडियो में कहा कि एक व्यक्ति कोची में इमारत से गिर गया और किसी भी चश्मदीद ने उसे अस्पताल पहुंचाने का सामान्य मानवीय कार्य नहीं किया.

जयासूर्या ने कहा कि दो चीज़ें लोगों को मदद करने से रोकती हैं. पहली ये कि कई बार लोग सोचते हैं कि बेहोश पड़ा व्यक्ति शराबी या नशैड़ी हो हो सकती है और दूसरे वो पुलिस कार्रवाई से डरते हैं.

जयसूर्या ने भी दोहराया कि किसी व्यक्ति की जान बचाना महान काम है.


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