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दहेज नहीं दे पाई पत्नी तो पति ने व्यापारी को बेच दी किडनी

तर्कसंगत

February 8, 2018

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हमारे समाज में कुछ लोग किस हद तक गिर गए हैं इसका अंदाज़ा कोलकाता की एक ख़बर देती है.

2 लाख रुपए की दहेज की मांग पूरी करने में नाकाम रहने वाली एक 28 वर्षिय महिला के पति ने उसकी किडनी ही निकलवा दी.

अपनी शिकायत में रीटा सरकार नाम की महिला ने कहा है कि उनकी बारह साल पहले शादी हुई थी. उनके पति दहेज न लाने की वजह से उनका शोषण करते रहते थे.

महिला का कहना है कि उसे एपेंडिक्स का दर्द हुआ था जिसके इलाज के दौरान उसके पति ने उसकी किडनी चुरवा दी.

अपनी शिकायत में रीटा सरकार ने कहा है कि करीब दो साल पहले उन्हें पेट में तेज़ दर्द हुआ था. महिला के पति उसे एक निजी अस्पताल ले गए जहां बताया गया कि एपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद वो ठीक हो जाएंगी.

महिला का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भी दर्द बरकरार रहा और जब वो इसकी शिकायत पति से करती तो वो उनसे इस बारे में किसी को न बताने के लिए कहते.

बाद में रीटा ने एक और अस्पताल में अपने परिजनों के साथ जाकर जांच करवाई तो पता चला कि उसकी एक किडनी ही ग़ायब है.

रीटा को जब यक़ीन नहीं हुआ तो उन्होंनो देबारा जांच कराई. इसमें भी किडनी ग़ायब ही मिली.

रीटा का कहना है कि तब उनकी समझ में आया कि उनके पति हमेशा ही ऑपरेशन के बारे में किसी को न बताने के लिए क्यों कहते हैं.

रीटा ने अपनी शिकायत में कहा है, “दहेज देने में नाकाम रहने के बाद मेरे पति ने मेरी किडनी ही बेच दी.”

फरक्का थाने की पुलिस ने तर्कसंगत को बताया है कि शिकायत पर मुक़दमा दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

अभियुक्त ने पुलिस को बताया है कि किडनी छत्तीसगढ़ के एक व्यापारी को बेची गई थी. पुलिस इस मामले में उस अस्पताल पर भी कार्रवाई कर रही है जहां ये ऑपरेशन हुआ था.

भारत में मानवीय अंगों के ट्रांसप्लांट को लेकर सख़्त क़ानून है. सिर्फ़ सगे रिश्तेदार ही अपने रिश्तेदारों को किडनी दान कर सकते हैं.

किडनी की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध हैं और ये एक संगीन अपराध है.

डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी समय भारत में तीन से साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को किडनी ट्रांसप्लांट की ज़रूरत होती है.


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