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फ़ेसबुक पर फंसे अधिकारी ने लीक किए देश के राज, गिरफ़्तार

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February 9, 2018

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दिल्ली पुलिस ने भारतीय एयरफ़ोर्स के मुख्यालय में तैनात एक ग्रुप कैप्टन को गिरफ़्तार किया है.

उन पर तीन नई सेवाओं के बारे में ख़ुफ़िया जानकारियां लीक करने के आरोप हैं.

ये गिरफ़्तारी बुधवार शाम को की गई है. इससे दस दिन पहले एयर फ़ोर्स की इंटेलिजेंस शाखा ने उन्हें अपने सेलफ़ोन के साथ मुख्यालय में दाख़िल होते हुए रंगे हाथों पकड़ा था.

एयरफ़ोर्स मुख्यालय में सेलफ़ोन ले जाने पर प्रतिबंध हैं.

गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा ने कहा, “हमने ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ़्तार किया है. उन्हें दिल्ली में एक अदालत के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.”

ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह के ख़िलाफ़ शिकायत एयरफ़ोर्स मुख्यालय पर तैनात सुरक्षा अधिकारी स्वाड्रन लीडर रुपिंद्र सिंह ने दर्ज करवाई थी.

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Geplaatst door Arun Marwaha op vrijdag 18 november 2016

 

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दो महिलाओं ने मारवाह को जाल में फंसाया था. हो सकता है कि ये महिलाएं किसी विदेशी एजेंसी के लिए काम कर रही हों.

पुलिस का कहना है कि अरुण मारवाह को ब्लैकमेल किया जा रहा था. तीन महीने पहले मारवाह ने उनसे फ़ेसबुक पर दोस्ती की थी.

कुछ दिन तक फ़ेसबुक पर ही चैट करने के बाद उन्होंने अपने नंबर एक दूसरे के साथ साझा किए और फिर व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू कर दी.

जांच में पता चला है कि मारवाह ने उन दो महिलाओं को एयरफोर्स से जुड़ी बेहद ख़ुफ़िया जानकारियां दे दीं.

इन जानाकिरियों में डिफ़ेंस साइबर एजेंसी, डिफेंस स्पेस एजेंसी और स्पेशल ऑपरेशन डिवीज़न के बारे में गुप्त जानकारियां भी शामिल हैं.

यही नहीं भविष्य में होने वाली एयरफ़ोर्स के एक अभ्यास कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी महिलाओं को दे दी गई.

इंडियन एक्सप्रैस की रिपोर्ट के मुताबिक एयरफ़ोर्स को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि कोई संदिग्ध एयरफ़ोर्स के बारे में जानकारियां साझा कर रहा है.

इस इनपुट के बाद एयरफ़ोर्स इंटेलिजेंस विंग के जासूसों ने संबंधित अधिकारियों की निगरानी शुरू कर दी. जांच में पता चला कि अरुण मारवाह अपना स्मार्टफ़ोन लेकर मुख्यालय आ रहे हैं.

एयरफ़ोर्स मुख्यालय में मोबाइल फ़ोन लाने पर प्रतिबंध है.

फिलहाल जांच की जा रही है कि कहीं अरुण मारवाह बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है.


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