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तीसरी क्लास की छात्रा के पत्र से सकते में शिक्षा विभाग

तर्कसंगत

February 14, 2018

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आगरा में एक तीसरी क्लास की छात्रा ने स्कूल में टॉयलेट न होने की वजह से प्रिंसिपल को अपना नाम काटने की अर्ज़ी दी है.

शहर के जगदीशपुरा स्थित प्राचीन कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली ख़ुशी ने अपने पत्र में कहा है कि स्कूल में बदबू आती है, गंदगी रहती है और छात्रों को ईंट पत्थर पर बैठना पड़ता है.

छात्रा ने सवाल उठाया है, “ऐसे हालात में पढ़ाई कैसे हो सकती है?”

ख़ुशी का अपने स्कूल के प्रिंसिपल को लिखा गया ये पत्र सरकारी स्कूलों में गंदगी की व्यापक समस्या को उजागर करता है.

छात्रा के ख़त के बाद बेसिक शिक्षा विभाग सकते में आ गया है क्योंकि अब स्कूलों में गंदगी का सवाल भी स्थानीय मीडिया में उठ रहा है.

वहीं बेसिक शिक्षा विभाग का ये भी कहना है कि स्कूल का भवन बेहद पुराना है ऐसे में उसमें मरम्मत नहीं करवाई जा सकती है. विभाग स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है.

स्कूली बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल देने के लिए देशभर के विद्यालयों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं.

भारत सरकार देश भर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत अभियान भी चला रही है.

ऐसे में ख़ुशी का खत एक बेहद गंभीर समस्या को रेखांकित करता है. ख़ुशी ने स्थानीय अख़बार अमर उजाला से कहा, “खत भले ही मैंने लिखा है लेकिन ये समस्या देश भर के सैकड़ों स्कूलों की हज़ारों छात्राओं की है.”


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