ख़बरें

समाचार प्लस के सीईओ पर रेप की एफ़आईआर, गिरफ़्तारी नहीं

तर्कसंगत

February 17, 2018

SHARES

हिंदी न्यूज़ चैनल समाचार प्लस के सीईओ उमेश कुमार के ख़िलाफ़ उनकी एक सहकर्मी ने बलात्कार का मुक़दमा दर्ज करवाया है.

वहीं उमेश कुमार ने मुक़दमे को साज़िश बताते हुए कहा है कि आरोप लगाने वाली महिला उनके चैनल में काम नहीं करती है.

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करा दिए हैं.

हालांकि अभी तक अभियुक्त को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

बलात्कार का ये मुक़दमा दिल्ली पुलिस ने चैनल में ही काम करने वाली एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया है.

शिकायतकर्ता का कहना है कि उमेश कुमार ने शादी का झांसा देकर उनके साथ बलात्कार किया.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बीके सिंह के मुताबिक महिला ने 13 फ़रवरी को शिकयात दी थी जिसके बाद 16 फ़रवरी को महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया.

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि एक जिम में काम करने के दौरान साल 2016 में वो अभियुक्त के संपर्क में आई थी.

आरोप है कि की महिला को चैनल में वरिष्ठ पद पर काम करने का ऑफ़र दिया गया जिसे महिला ने स्वीकार कर लिया.

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि बीते साल छह जून को काम के बहाने उसे उमेश कुमार ने अपने घर बुलाया और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित किए.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने ऐसा कई मरतबा होने का दावा किया है.

पुलिस आयुक्त के मुताबिक बीते साल 26 अगस्त को भी महिला को एक पांच सितारा होटल में बुलाया गया था जहां उमेश कुमार अपना फ़ोन कमरे में ही छोड़कर किसी से मिलने चले गए थे.

महिला ने फ़ोन पर उनके परिवार की तस्वीरें देकखर नोकझोक की.

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे अभियुक्त ने धमकियां दी हैं जिनके व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट उसने पुलिस के पास जमा करवाए हैं.

शनिवार को पुलिस ने महिला का बयान जज के समक्ष दर्ज करवाया. वहीं होटल ने उमेश कुमार के नाम पर संबंधित तारीख़ को कमरा बुक किए जाने की पुष्टि की है.

वहीं उमेश कुमार सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि उनकी मुलाक़ात महिला से एक जिम में हुई थी जहां जिम इंस्ट्रक्टर ने उनकी महिला की एक क़ानूनी मामले में मदद करने के लिए कहा था.

उमेश कुमार कहना है कि महिला ने उनसे आर्थिक मदद चाही थी जो वो नहीं कर पाए थे.

उमेश कुमार का कहना है कि महिला को चैनल के साथ काम करने के दस्तावेज़ पेश करने चाहिए.

इस मामले से ये तो स्पष्ट है कि आरोप लगाने वाली महिला और उमेश कुमार एक दूसरे को जानते हैं.

उमेश कुमार पर लगे आरोप कितने सही हैं ये जांच का विषय है.

लेकिन ऐसे मामलों में क़ानून शिकायतकर्ता को इंसाफ़ दिलाने के लिए ही काम करता है और अपने आप को बेग़ुनाह साबित करने की ज़िम्मेगारी अभियुक्त पर आ जाती है.

हालांकि इस घटनाक्रम से एक बार फिर सवाल उठता है कि शादी का वादा कर सहमति से किए गए सेक्स को क्या बलात्कार माना जा सकता है.

यदि महिला मुक़दमा दर्ज करवाती है तो मुक़दमा बलात्कार की धाराओं में ही दर्ज किया जाता है और पुलिस आमतौर पर अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लेती है.

इस मामले में अभियुक्त एक समाचार चैनल के सीईओ हैं तो पुलिस भी फूंक-फूंक कर ही क़दम रख रही है.


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...