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पीएनबी घोटालाः मुकेश अंबानी का चचेरा भाई विपुल अंबानी गिरफ़्तार

तर्कसंगत

February 20, 2018

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पंजाब नेशनल बैंक में हुए करीब 11400 करोड़ रुपए के घोटाले के संबंध में सीबीआई ने मंगलवार को पहली बड़ी गिरफ़्तारी की.

सीबीआई ने फायर स्टार इंटरनेशनल डायमंड ग्रुप के प्रेसिडेंट (फ़ाइनेंस) विपुल अंबानी को गिरफ़्तार कर लिया.

विपुल अंबानी धीरूभाई अंबानी के छोटेभाई नाटूभाई अंबानी के बेटे हैं.

उनके अलावा फ़र्ज़ीवाड़ा करने वाली कंपनियों की ऑथोराइज़्ड सिगनेटरी कविता मनकीकर और फायरस्टार ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी अर्जुन पाटिल को भी गिरफ़्तार कर लिया गया.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक विपुल अंबानी कैमिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड से की थी.

सीबीआई ने अंबानी और 6498 करोड़ रुपए के एलओयू (लेटर्स ऑफ़ अंडरटेकिंग) के मामले में दर्ज की गई एफ़आईआर के संबंध में गिरफ़्तार किया है.

एलओयू वो गारंटी होती है जिसके आधार पर भारतीय बैंकों के विदेशी शाखा जारी करने वाली बैंक की गारंटी पर क़र्ज़ दे देती है. डिफॉल्ट होने की स्थिति में ये क़र्ज़ जारी करने वाली बैंक को ब्याज़ सहित चुकाना होता है.

सीबीआई के मुताबिक अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी मोदी, भाई निशाल मोदी और चाचा मेहुल चौकसी भी इस धोखाधड़ी में अभियुक्त हैं.

ये सब लोग जनवरी के पहले सप्ताह में ही देश छोड़कर भाग चुके हैं.

वहीं मंगलवार को सीबीआई ने नक्षत्र ग्रुप और गीतांजलि ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी कपिल खंडेलवाल और गीतांजलि ग्रुप के प्रबंधक नितेन शाही को भी मंगलवार को गिरफ़्तार कर लिया.

सीबीआई के मुताबिक इन्हें इस घोटाले में 15 फ़रवरी को दर्ज की गई दूसरी एफ़आईआर के संबंध में गिरफ़्तार किया गया है.

ये मामला पीएनबी के अधिकारियों की ओर से धोखाधड़ी करके जारी किए गए 4886 करोड़ रुपए के मूल्य के एलओयू के संबंध में हैं.

इसके अलावा सीबीआई ने मंगलवार को पीएनबी के भी कई बड़े अधिकारियों से पूछताछ की है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक नीरव मोदी के ठिकानों से मिले दस्तावेज़ों ने सीबीआई को अलीबाग़ स्थित एक बंगले तक पहुंचा दिया. यहां उद्योग जगत के लोग वीकेंड मनाने आया करते थे. सीबीआई ने इस बंगले में भी मंगलवार को खोजबीन की है.

पंजाब नेशनल बैंक में हुए इस घोटाले ने देश को हिला कर रख दिया है. बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है.

वहीं वित्तमंत्री अरुण जेटली ने घोटाला सामने आने के सप्ताह भर बाद मुंह खोलते हुए कहा है कि घोटाला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा.

विपक्ष की कांग्रेस पार्टी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस घोटाले पर बयान देने का दबाव बना रही है.


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