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3700 करोड़ का लोन घोटाला, रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी गिरफ़्तार

तर्कसंगत

February 23, 2018

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सीबीआई की बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड शाखा ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी को बैंकों के कंसोर्टियम को धोखा देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है.

कोठारी परिवार पर बैंकों से सैंतीस सौ करोड़ रुपए का क़र्ज़ लेकर जानबूझकर न लौटाने के आरोप हैं.

सीबीआई सूत्रों ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार को बताया है कि तीन दिनों की पूछताछ के बाद विक्रम और राहुल कोठारी को गिरफ़्तार किया गया है.

पूछताछ के दौरान कोठारी ने सीबीआई को ये नहीं बताया कि उन्होंने बैंकों को किस तरह धोखा दिया और पैसा लेने के बाद उसका क्या किया.

एक अधिकारी ने अख़बार से कहा कि विक्रम कोठारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे.

कोठारी ने सीबीआई को ये भी नहीं बताया है कि किन-किन लोगों ने इस फ़र्ज़ीवाड़े में उनकी मदद की.

आज दोनों को सीबीआई की अदालत में पेश किया जाएगा.

सीबीआई ने कोठारी परिवार के कानपुर और दिल्ली स्थित ठिकानों को सील कर दिया है वहीं आयकर विभाग ने उनकी चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं. बैंक खाते भी सीज कर दिए गए हैं.

कोठारी परिवार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सात बैंकों से लगभग सैंतीस सौ करोड़ रुपए का क़र्ज़ लिया और उसे जानबूझकर नहीं लौटाया.

इस पूरे फ़र्ज़ीवाड़े में बैंकों के कई बड़े अधिकारी भी लिप्त हो सकते हैं.

रोटोमैक फ़र्ज़ीवाड़े के संबंध में बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बीते रविवार को 2919 करोड़ रुपए के क़र्ज़ के मामले में आपराधिक मुक़दमा दर्ज करवाया था.

कोठारी परिवार ने साल 2008 के बाद सात बैंकों के कंसोर्टियम से लोन लिया था जो ब्याज़ और आर्थिक दंड के साथ बढ़कर 3695 करोड़ रुपए हो गया.


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