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बेटी की मौत की खबर सुनकर भी इस पुलिसवाले ने निभाई अपनी ड्यूटी

Poonam

February 25, 2018

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पर्दे पर हीरो का किरदार निभाना आसान है लेकिन असल जिंदगी में हीरो बन कर दिखाना उतना ही कठीन. सहारनपुर में एक ऐसी घटना हुई जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देगा की पुलिस की वर्दी में ड्यूटी करना कितना मुश्किल है. ये कहानी है एक ऐसे पुलिस वाले की जिसने अपनी बेटी की मौत की खबर सुनने के बावजुद भी एक घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचायी.

दरअसल सुबह समय क़रीब 9:30 बजे UP100 पीसीआर वैन को सूचना मिली कि एक व्यक्ति को चाक़ू मार दिया गया है और वह अभी ज़िंदा है. सूचना मिलते ही मौके के लिए पीसीआर वैन रवाना हुई. इसी बीच अचानक हेड कॉन्सटेबल भूपेन्द्र सिंह तोमर को उनकी धर्मपत्नी का फोन आया जिन्होंने रोते हुए बताया कि अब आपकी बिटिया नहीं रही जिसकी अभी एक वर्ष पूर्व शादी की थी. ये बात सुनते ही भूपेन्द्र सिंह तोमर के मुँह से कोई शब्द नहीं निकला और उन्होंने अपना फ़ोन काट दिया.

जब उनके साथ में बैठे कॉन्सटेबल भरत ने पूछा कि साहब क्या हुआ तो नम आँखों से उन्होंने कहा कि मेरी गुड़िया नहीं रही. इतना सुनते ही कॉन्सटेबल भरत ने उनसे कहा की आप यहीं उतर जाओ और सम्बंधित को इत्तिला कर पहले घर जाओ. लेकिन जो जवाब भूपेन्द्र सिंह ने दिया उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. उन्होंने कह की मेरी बेटी तो चली गयी लेकिन अभी जिसे चाक़ू लगा है उसे देखते हैं क्या स्थिति है, जो होना था वो हो चुका लेकिन इसकी जान ख़तरे में है और वो भी किसी का बेटा है.

इसके बाद फौरन वो घटनास्थल पर पहुँचे जहां एक शख्स ज़मीन पर पड़ा तड़प रहा था. अत्यधिक ख़ून बह जाने से उसकी स्थिती बेहद नाज़ुक हो गयी थी. उन्होंने एंबुलेंस का इंतज़ार भी नहीं किया और बिना देर किये घायल शख्स को उठाकर सबसे करीबी अस्पताल ले गये. प्राथमिक उपचार देने के बाद घायल शख्स को मेडिग्राम हॉस्पिटल सहारनपुर रेफ़र कर दिया गया, जहाँ से बाद में उसे देहरादून रेफ़र कर दिया गया. अच्छी बात ये है की फ़ोटो में दिख रहे व्यक्ति की हालत में अब काफ़ी काफ़ी सुधार है। इस घटना के दौरान हेड कॉन्सटेबल भूपेन्द्र सिंह तोमर ने अपने कलेजे के टुकड़े को खोने का दुख भी नहीं जताया और दिल में अपने दर्द को दबा लिया.

इनके हौसले को तर्कसंगत की टीम सलाम करती है..

स्टोरी साभार- IPS नवनीत सिकेरा की वॉल से


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