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अपराधः क़र्ज़ न चुकाने पर सूदख़ोरों ने महिला को जलाया

तर्कसंगत

March 10, 2018

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पिछले साल अक्तूबर में तमिलनाडु के एक परिवार ने सूदखोरों से परेशान होकर ज़िला कलेक्ट्रेट के बाहर आत्महत्या कर ली थी.

आग की लपटों में घिरे परिवार की तस्वीरों ने देश को झकझोर दिया था.

अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बलिया से सामने आया है जहां सूदखोर ने क़र्ज़ न चुकाने पर एक महिला को जला दिया.

पीड़ित महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक रेशमी नाम की महिला ने सूदखोर से बीस हज़ार रुपए का क़र्ज़ लिया था जिसे न चुकाने पर उसे आग लगा दी गई है.

आरोप है कि बलिया के भीमपुरा थानाक्षेत्र के जजौली गांव की दलित महिला रेशमी देवी पर गुरुवार को गांव के ही सत्यम सिंह, सोनू सिंह और गुड्डू सिंह ने हमला किया.

पीड़ित परिवार के मुताबिक ये हमला रात में करीब दो बजे हुए. पुलिस के इमरजेंसी नंबर 100 पर कॉल करने के बाद आई पुलिस ने पीड़िता को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां हालत गंभीर होने पर उसे वाराणासी रैफ़र कर दिया गया है.

बलिया पुलिस के मुताबिक दलित महिला पर हमले के आरोपों में दो व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

रेशमी देवी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने आरोपी से बीस हज़ार रुपए क़र्ज़ लिया था और बीते सालों में वो थोड़ा थोड़ा करके अब तक दो लाख रुपए लौटा चुकी है लेकिन कर्ज़ नहीं उतर रहा है.

रेशमी देवी ने अपने बयान में कहा है कि सूदख़ोर उस पर लगातार दबाव बना रहा था.

पुलिस आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है.

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सूदखोरों का कर्ज़ लेने वाले ग़रीब लोगों को परेशान करना आम बात है.

केंद्र और राज्य सरकार की सस्ते कर्ज़ की कई योजनाओं के बावजूद अनपढ़ और ग़रीब परिवार के लोगों को अपनी ज़रूरतों के लिए बैंकों से आसानी से क़र्ज़ नहीं मिल पाता है.

वहीं निजी सूदख़ोर आसानी से ऊंचे ब्याज़ पर क़र्ज़ दे देते हैं और फिर अपनी ताक़त और रसूख़ के दम पर कर्ज़दार का शोषण करते रहते हैं.

बलिया की इस ख़बर ने एक बार फिर सूदख़ोरी के गंभीर सवाल को खड़ा किया है.


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