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सरकारी नौकरी के लिए सेना में सेवा हो सकती है अनिवार्य

तर्कसंगत

March 15, 2018

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इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय की स्थायी समिति ने सरकारी नौकरी के लिए सेना में अनिवार्य सेवा का विकल्प तलाशने की सिफ़ारिश की है.

यदि इस प्रस्ताव पर अमल कर लिया गया तो केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सभी नौकरियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य कर दिया जाएगा.

ये क़दम भारतीय सेना में अधिकारियों और जवानों की कमी को देखते हुए उठाया जा रहा है.

भारत की थल सेना में इस समय सात हज़ार अधिकारियों और बीस हज़ार अन्य पदों पर रिक्तियां हैं.

यही नहीं वायुसेना में अधिकारियों के डेढ़ सौ पद खाली हैं जबकि पंद्रह हज़ार अन्य पदों पर ज़रूरत है.  यही हाल भारत की नौसेना का भी है.

सिर्फ़ केंद्र सरकार में ही तीस लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं.

भारत के विभिन्न राज्य सरकारों की नौकरियों में भी क़रीब दो करोड़ लोग हैं.

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग सरकारी नौकरी पाने के लिए सेना में सेवा देने की अनिवार्यता पर विचार कर रहा है.

सीधे प्रधानमंत्री के अधीन भारत सरकार का ये विभाग देश भर में सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी नीतिया बनाता है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी नौकरी के लिए सेना में सेवा का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय ने सेना में खाली पदों को भरने के लिए आपात क़दम के तौर पर दिया है.

सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों के लिए सेना में अनिवार्य सेवा की सिफ़ारिश संसद की स्थायी समिति ने की है.

गज़ट अधिकारी स्तर के पदों पर भर्ती के लिए सेना में पांच साल की सेवा को अनिवार्य करने की सिफ़ारिश करने वाली संसदीय समिति ने सेना में खाली पड़े अधिकारियों के पदों के मामले को गंभीरता से लिया है.

संसद की स्थायी समिति के समक्ष हाल ही में पेश एक रिपोर्ट में सेना में खाली पड़े पदों की ओर ध्यान दिलाया गया था.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय समिति ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से इस मामले पर तेजड़ी से आगे बढ़ने के लिए कहा है लेकिन दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय में इसे लेकर ख़ास गंभीरता नहीं दिख रही है.


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