मेरी कहानी

मेरी कहानीः मैं अपनी बेटी को वेश्या नहीं बनने दूंगी चाहे जो हो जाए

Poonam

March 21, 2018

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मैं कभी मां नहीं बनना चाहती थी. मेरा नानी वेश्या थीं. मेरी मां भी वेश्या थीं और मैं भी इसका अपवाद नहीं हूं.

ये हमारे परिवार का पुराना पेशा है. एक प्रथा है जो चली आ रही है. मैंने अपना पूरा जीवन इस कड़ी को तोड़ने की कोशिश की. मैं नहीं चाहती थी कि मां बनूं. लेकिन प्रकृति के चक्र को बदलना आसान नहीं हैं.

मैंने अपनी मां के दर्द को देखा है. एक यौनकर्मी होते हुए उन्हें किस तरह की पीड़ा से गुज़रना पड़ता ये मैं जानती हूं.

वो मुझे साथ लेकर गली में ग्राहक तलाशती रहतीं थीं. उस मां को कैसा लगता है जिसके पास आने वाले ग्राहक आज उसके साथ सो रहे हैं और कल उसकी बेटी के. मैंने उन्हें आत्महत्या की कोशिश करते हुए देखा था लेकिन भाग्यवश वो बच गईं थीं.

मैं कभी नहीं चाहती थी कि मां बनूं लेकिन जब मुझे अपने गर्भवती होने का पता चला तो मेरे विचार बिकुल बदल गए. मैं अपने बच्चे की जान नहीं लेना चाहती थी. सभी ने मुझे गर्भपात कराने की सलाह दी लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकी.

I never wanted to be a mother in my life. My grandma was a sex worker; my mother is a sex worker, so this is not an…

Posted by GMB Akash on Monday, 19 March 2018

 

हमारी कोठे की मैडम ने भी मुझपर गर्भपात कराने का दबाव बनाया लेकिन मैं पूरी ऊर्जा के साथ अपने बच्चे को बचा रही थी.

मैडम ने उस बाबू को भी बुला लिया जो अकसर मेरे पास आते थे. उन्होंने उनसे कहा कि मेरे पेट में उनका बच्चा है और मैं आगे चलकर उन्हें ब्लकैमेल कर सकती हूं. उन्होंने मुझे बहुत बुरी तरह पीटा और गर्भपात कराने का दबाव बनाया. लेकिन मैं उनके पैरों में गिर गई और अपने बच्चे की जान की भीख मांगी.

मैंने उनके साथ एक समझौता किया और वादा किया कि मैं कभी भी अपने बच्चे के लिए किसी का नाम नहीं चाहूंगी.

वेश्यालय में मां बनना आसान नहीं है. ख़राब इलाज की वजह से बहुत सी महिलाएं मर जाती हैं. मेरे लिए हर दिन एक जंग जैसा था.

मुझे गर्भावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना होता और अपने लिए ग्राहक भी तलाशने होते. कुछ लोग बहुत बहशी होते हैं. उन्हें अपने मनोरंजन के लिए गर्भवती महिलाएं पसंद होती हैं.

पूरी गर्भावस्था के दौरान में बेटे के लिए दुआएं करती रहीं. लेकिन हमारे परिवार में फिर एक बेटी ही आ गई.

ईश्वर ने मेरी दुआएं नहीं सुनी. सभी मुझसे कह रहे हैं कि फिर वही पहिया चलेगा, मेरी बेटी भी वेश्या ही बन जाएगी. लेकिन मैं उसे इस नर्क से निकालने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैं इस दर्दनाक चक्र को तोड़ दूंगी. अगर एक मां अपने बच्चे के लिए बेहतर ज़िंदगी चाहे तो फिर उसे कोई नहीं रोक सकता. मुझे भी कोई नहीं रोक पाएगा. – शूपना

(GMB Akash के पन्ने पर साझा की गई शूपना की कहानी)

 


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