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कठुआ गैंगरेपः फोरेंसिक रिपोर्ट में बच्ची को प्रार्थना स्थल में रखने की पुष्टि हुई

तर्कसंगत

April 5, 2018

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इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बलात्कार के बाद जिस 8 साल की लड़की की हत्या कर दी गई थी उसे एक प्रार्थना स्थल में बंधक बनाकर रखा गया था.

बकरवाल समुदाय की 8 वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले ने जम्मू-कश्मीर के इस इलाक़े में तनाव पैदा कर दिया था.

फोरेंसिक रिपोर्ट से बच्ची को प्रार्थना स्थल पर बंधक बनाकर रखे जाने और नशीले पदार्थ दिए जाने की पुष्टि हुई है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रार्थना स्थल के हॉल से बालों के हिस्से मिले थे.

दिल्ली स्थित एक डीएनए टेस्ट लैब ने पु्ष्टि की है कि बालों के ये टुकड़े पीड़िता के डीएनए से मिलते हैं.

रिपोर्ट में बच्ची को लगातार नशीला पदार्थ दिए जाने की पुष्टि भी हुई है.

जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है और जल्द ही सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे.

इस मामले में पुलिस ने आठ अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.

इनमें रिटायर्ड राजस्व अधिकारी सांजी राम भी शामिल है. राम के बेटे विशाल और भांजे शुभम को भी गिरफ़्तार किया गया है. सांजी राम ही प्रार्थना स्थल की देखभाल करते थे.

क्राइम ब्रांच ने दो विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) दीपक खजूरिया और सुरेंद्र कुमार को भी गिरफ़्तार किया है.

साथ ही असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज को भी गिरफ़्तार किया गया है.

दत्ता और राज को सबूत नष्ट करने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस सांजी राम को ही मुख्य शाज़िशकर्ता मान रही है.

सांजी राम ने बीस मार्च को आत्मसमर्पण कर दिया था.

पीड़ित बच्ची 10 जनवरी को रसाना कस्बे में अपने घर के पास से लापता हो गई थी. बच्ची का शव सात दिन बाद बरामद हुआ था.

इस घटना के बाद स्थानीय मुस्लिम चरवाहा समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया था.

बकरवार और गुर्जर समुदाय ने पुलिस के ख़िलाफ़ व्यापक प्रदर्शन किए थे.

सूत्रों के मुताबिक बच्ची की हत्या बकरवाल समुदाय में दहशत पैदा करने के लिए की गई थी.


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