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अंततः ठाकुरों के गांव में बारात चढ़ा सकेगा दलित दूल्हा

Poonam

April 9, 2018

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उत्तर प्रदेश में ठाकुर बहुल गांव में अपनी बारात चढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे दलित दूल्हे को आख़िरकार कामयाबी मिल ही गई.

कासगंज ज़िला प्रशासन ने कई शर्तों के साथ दलित युवा संजय जाटव को अपनी बारात निजामपुर गांव लाने की अनुमति दे दी है.

संजय जाटव की शादी बीस अप्रैल को होनी है. उनकी बारात उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले से कासगंज ज़िले के निजामपुर गांव जानी है.

संजय जाटव ने धूमधाम से अपनी बारात निकालने की जब इच्छा ज़ाहिर की तो गांव के ठाकुर समाज के लोगों ने इसका विरोध कर दिया.

अपनी बारात चढ़ाने की अनुमति हासिल करने के लिए संजय जाटव ने ज़िलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक का दरवाज़ा खटखटाया.

प्रशासन से शुरू में अनुमति न मिलने के कारण संजय जाटव ने हाईकोर्ट में अर्ज़ी भी दी.

रविवार को कासगंज के ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संजय जाटव को आठ शर्तों के साथ बारात निकालने की अनुमति दे दी गई.

संजय जाटव ने तर्कसंगत को बताया, “मैं बस अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहा था. आख़िरकार प्रशासन मान गया है. अब धूमधाम से बारात निकलेगी.”

इससे पहले कासगंज पुलिस ने अपनी गुप्त रिपोर्ट में संजय की बारात को शांती व्यवस्था के लिए ख़तरा बताया था.

क़ानून की पढ़ाई कर रहे संजय जाटव का कहना है कि जिस तरह से बाकी जातियों और समुदाय के युवाओं की बारात निकलती है उसी तरह से दलित युवाओं को भी बारात निकालने का अधिकार है और वो बस अपने संवैधानिक अधिकार के लिए ही संघर्ष कर रहे थे.

संजय की शादी शीतल जाटव से हो रही है. शीतल ने भी बारात को अनुमति मिलने के बाद प्रसन्नता ज़ाहिर की है.


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