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कठुआ गैंगरेपः 8 साल की बच्ची पर ज़ुल्म और भारत माता की जय

तर्कसंगत

April 12, 2018

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से गैंगरेप के बाद हत्या के मामले के सांप्रदायिक रंग ले लेने के बाद अब पुलिस इस मामले में दो सिख वकीलों को अभियोजक बना सकती है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस इस मामले में भूपिंदर सिंह और हरमिंदर सिंह को जन अभियोजक बनाने पर विचार कर रही है. ये दोनों ही सिख वकील हैं.

इस मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर में सियासत गर्म है.

मुस्लिम बच्ची से बलात्कार के मामले में आठ हिंदू अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है.

क्राइम ब्रांच ने अपनी चार्जशीट में बच्ची को अग़वा किए जाने, एक धर्मस्थल में रखे जाने, उसे नशा दिए जाने और गैंगरेप किए जाने के आरोप तय किए हैं.

वहीं हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस की जांच में भेदभाव किया जा रहा है और हिंदू अभियुक्तों को साज़िश के तहत फंसाया गया है.

मामले को लेकर हो रही हिंदू-मुसलमान की सियासत को देखते हुए अब जम्मू-कश्मीर पुलिस इसे अदालत में रखने के लिए सिख वकील नियुक्त कर रही है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोप पत्र में घटना को जो ब्यौरा दिया है वो रौंगटे खड़े कर देने वाला है.

आठ साल की बकरवार मुसलमान समुदाय की बच्ची को समुदाय में ख़ौफ़ पैदा करने के लिए अग़वा किया गया और फिर उसका गैंगरेप करने के बाद हत्या कर दी गई.

इस दौरान बच्ची को कई तरह की यातनाएं दी गईं.

पुलिस के आरोपपत्र के मुताबिक अपनी हवस मिटाने के लिए एक अभियुक्त तो मेरठ से कठुआ चला आया.

अफ़सोस की बात ये है कि ऐसा मामला जिसमें एक आठ साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है उसमें भी हिंदू-मुसलमान की सियासत की जा रही है.

इस मामले ने जम्मू-कश्मीर में धर्म के नाम पर पहले से मौजूद लकीर को और मोटा कर दिया है.

जिन अभियुक्तों पर गैंगरेप के आरोप हैं उनके समर्थन में हिंदू एकता मंच ने कई मार्च निकाले हैं. इन मार्चों में तिरंगा लहराया गया है और भारत माता की जय के नारे लगाए गए हैं.

सवाल उठ रहा है कि क्या एक आठ साल की बच्ची के बलात्कार से भारत माता की जय होगी?

क्या है मामला

मुसलमान बकरवाल समुदाय की आठ साल की बच्ची कठुआ के रसाना गांव से इसी साल दस जनवरी को लापता हुई थी. सात दिन बाद पास के जंगल से उसकी लाश मिली थी. पुलिस के मुताबिक इन सात दिनों में बच्ची को एक धर्मस्थल में रखा गया जहां उससे गैंगरेप किया जाता रहा. बच्ची को बेहोश करने रखने के लिए नशे की गोलियां भी दी जा रहीं थीं.

आरोपपत्र के मुताबिक बच्ची के साथ तीन बार देवीस्थान के भीतर ही गैंगरेप किया गया. मुख्य अभियुक्त ने बच्ची पर तंत्र-मंत्र भी किया. एक अभियुक्त अपनी हवस मिटाने के लिए मेरठ से कठुआ पहुंचा और गैंगरेप किया. पुलिस का कहना है कि ये सब बकरवाल समुदाय को डराने और रसाना छोड़कर जाने के लिए मजबूर करने के लिए किया गया था.


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