Gangrape

ख़बरें

अंधी भतीजी के बलात्कार से परेशान चाचा ने की आत्महत्या

तर्कसंगत

May 17, 2018

SHARES

दिल्ली के करोल बाग़ इलाक़े की एक झुग्गी में बीस वर्षीय अंधी युवती से गैंगरेप के बाद उसके चाचा ने आत्महत्या कर ली है. दो सप्ताह पहले युवती का बलात्कार हुआ था और उसके चाचा इस घटना को लेकर परेशान रहते थे.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 45 वर्षीय रिक्शाचालक अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनके साथ बलात्कार पीड़िता और उसकी 55 वर्षीय विधवा मां रहा करती थी.

बलात्कार पीड़िता ने अख़बार को बताया कि वो गुरुवार को बलात्कार का मुक़दमा वापस लेने थाने गई थी और इसके बाद गांव लौट जाना चाहती थी.

पीड़िता के मुताबिक वो नहीं चाहती थी कि उसका परिवार लंबी क़ानूनी लड़ाई में फंस जाए.

पीड़िता के मुताबिक रेप की घटना के बाद से उसके चाचा परेशान रहा करते थे और हर रात घर लौटने के बाद रोया करते थे.

स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक पुलिस के रवैये से ग़ुस्से में थे. उनका आरोप था कि पुलिस ने गैंगरेप की घटना के बावजूद दो अभियुक्तों को रिहा कर दिया और सिर्फ़ एक को ही जेल भेजा.

पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि उसके साथ दो-तीन लोगों ने रेप किया जबकि पुलिस का कहना है कि रेप सिर्फ़ एक ही व्यक्ति ने किया था.

पीड़िता कहती है, ‘वो दिन भर रिक्शा चलाने के बाद शराब पीकर घर लौटते और जो मेरे साथ हुआ उसे लेकर अफ़सोस ज़ाहिर करते. वो सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार करवाने के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे थे.’

मृतक रोज़ की तरह ही बुधवार रात भी सोने चले गए थे. लेकिन गुरुवार सुबह उनका शव पेड़ से लटकता मिला.

पीड़िता की मां ने कहा, हमारा एकमात्र सहारा वो ही थे,  वो ही हमारी रोज़ी रोटी का जुगाड़ करते थे. मैं और मेरी बेटी तो किसी को एक फ़ोन कॉल तक नहीं कर सकते.

कथित गैंगरेप की घटना चार मई को हुई थी जब पीड़िता अपने घर के बाहर एक ठेले पर अकेले बैठी थी. उनकी झोपड़ी का दरवाज़ा भी हाल के दिनों में लगी एक आग में जल गया था. घटना के वक़्त उसकी मां पड़ोस के एक रेस्त्रां से पानी भरने के लिए गई थी और उसके चाचा रिक्शा चलाने गए थे.

पीड़िता का आरोप है कि उसे झुग्गी के भीतर खींच लिया गया और बीस मिनट तक दो तीन युवकों ने उसका रेप किया.

पीड़िता ने एक अभियुक्त ई-रिक्शाचालक छोटू पाल को जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता ने उसकी आवाज़ पहचान ली थी.

वहीं पुलिस का कहना है कि रेप के दौरान दो युवक  झुग्गी के बाहर खड़े रखवाली कर रहे थे. पीड़िता ने अपने बयान में भी यही कहा था कि उसके साथ एक व्यक्ति ने रेप किया.

पुलिस दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया.

वहीं पीड़िता का कहना है कि जब पुलिस ने पूछा कि कितने लोग थे तब उसने जवाब दिया कि मैंने आवाज़ सिर्फ़ एक ही सुनी थी.

पीड़िता का कहना है कि झुग्गी में  बाकी लोग भी थे लेकिव वो कुछ बोल नहीं रहे थे.


Contributors

Edited by :

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...