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आर्मी जनरल से प्रशश्ति पत्र प्राप्त मेजर गोगोई श्रीनगर होटल काण्ड में दोषी पाए गए, हो सकता है कोर्ट मार्शल

Kumar Vibhanshu

August 30, 2018

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सेना ने सोमवार को, अपने न्यायालय की जांच (सीओआई) के आधार पर मेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया, जिसे श्रीनगर के एक होटल में एक युवा कश्मीरी महिला के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया था। अदालत ने उन्हें  “निर्देश के विरुद्ध ओपरेशन्ल जगह से दूर होने के लिए तथा स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।” उन्हें कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ सकता है ।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, कोर कमांडर कोर्ट आफ् इन्क्वायरी के निष्कर्षों को पढ़ने के बाद अपनी मंज़ूरी देंगे जिसके बाद, सेना के अधिकारी सेना के कानून के  प्रावधानों के अनुसार मेजर के खिलाफ आरोप तय करेंगे। अदालत तब अधिकारी को दंडित करने या अधिकारी की कोर्ट-मार्शल करने का फैसला करेगी।

जांच के आदेश दिऐ जा चुके है

यह घटना 23 मई को हुई, जब मेजर 18 वर्षीय लड़की के साथ होटल के कमरे में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। होटल के अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जो बहस का कारण बना है। मेजर गोगोई के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी वहां मौजूद था। इस साल मई में श्रीनगर पुलिस ने तीनों से पूछताछ की थी। इसके अतिरिक्त, सेना के नियमों के अनुसार गोगोई के खिलाफ एक जांच का आदेश दिया गया है।

पूछताछ के बाद गोगोई को अपनी इकाई को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक, उत्तर शहर, सज़ाद अहमद शाह, जिन्हें आईजीपी (कश्मीर) एसपी पनी ने मामले में जांच करने के लिए कहा था, ने बताया कि होटल में एक कमरा लीतुल गोगोई के नाम पर बुक किया गया था ।
इस साल 31 मई को श्रीनगर अदालत को दिए गए स्टेटस रिपोर्ट मे बताया गया, कि “गोगोई के खिलाफ कोई मामला नहीं बनाया गया है, न तो होटलियर और न ही लड़की ने कोई शिकायत दायर की है।” ब्रिगेडियर की अध्यक्षता में सेना की जांच (सीओआई) ने संबंधित मेजर गोगोई और अन्य सेना अधिकारियों के साक्ष्य भी ले लिए हैं।
इससे पहले, सेना प्रमुख जनरल बिपीन रावत ने कहा, अगर उन्हें “किसी भी अपराध” के दोषी पाया गया तो मेजर गोगोई को एक अनुकरणीय सजा दी जाएगी।



मानव ढाल का मामला

यह दूसरा विवाद है कि  जिसमें मेजर गोगोई ने खुद को फंसा हुआ पाया है। पिछले साल, गोगोई ने एक जीप के आगे एक स्थानीय नागरिक को पत्थरबाजों के खिलाफ ढाल बनाकर र्सुखीयाँ बटोरीं थी। 9 अप्रैल को श्रीनगर लोकसभा के उपचुनाव में मतदान के दौरान वह व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में बडगाम के कई गांवों का दौरा कर रहा था।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सेना प्रमुख जनरल रावत ने उस समय युवा अधिकारी गोगोई की कार्रवाई का समर्थन किया था और उन्हें विद्रोह विरोधी अभियानों में अपने ‘निरंतर प्रयासों’ के लिए सेना प्रमुख के ‘प्रशस्ति पत्र’ के साथ सम्मानित किया था।

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