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गौ रक्षा के नाम पर उत्तर प्रदेश में बुज़ुर्ग के साथ मार पीट, सिर मुंडा कर परेड निकाली

Kumar Vibhanshu

September 4, 2018

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गौ रक्षा के नाम पर हमारा समाज हर दिन एक नयी रसातल को छुता जा रहा है। एक नई घटना उत्तर प्रदेश, के एक  70 वर्षीय व्यक्ति के साथ घटित हुई, जब गौ रक्षकों के एक समूह ने उन्हें अपनी बीमार गाय को त्यागने के कथित आरोप में बाल मुंडवाकर, मुँह काला कर के गांव भर में घुमाया।

 असल में क्या हुआ?

यह घटना 30 अगस्त की है जब 70 वर्षीय कैलाश नाथ शुक्ला बलरामपुर के नंदपुर गांव से गुज़र रहे थे और अपने साथ अपनी बीमार गाय को इलाज के लिए दूसरे गांव में ले जा रहे थे। गौ रक्षक होने का दावा करने वाले कुछ युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक दिया और फिर उन पर आरोप लगाया कि वह गाय को कहीं दूर ले जाकर त्याग देंगे, साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह अपनी गाय एक मुसलमान को बेच देगा।


उस बेचारे बूढ़े ब्राह्मण आदमी ने हाथ पाँव जोड़े, समझाने की काफी कोशिश भी की कि वह गाय को बगल के गांव में इलाज के लिए ले कर जा रहा है, मगर किसी ने उसकि एक न सुनी। गौ माता के उन  लाडलों ने उस बूढे़ व्यक्ति को बुरी तरह पीटकर अपनी गौ भक्ति और संस्कार का प्रमाण दिया, बाल भी मुंडवा दिए गए। डीएनए के अनुसार, बूढ़े आदमी को फिर एक गटर में फेंक दिया गया था, गुस्साई भीड़ ने उसके चेहरे को काला किया और हाथ भी बाँध दिए।


उसके बाद गौ रक्षकों द्वारा उदाहरण स्वरूप कैलाश नाथ को पूरे गांव में  घुमाया गया यह बतलाने के लिए कि आगे से किसी ने भी अगर ऐसा किया तो उसे भी यही दंड मिलेगा।

कैलाश जब किसी तरह से गांव वालों से छुटे तो अपनी प्राथमिकी दर्ज करने के लिए निकटतम पुलिस स्टेशन गए लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। जब बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को घटना की सुचना मिली, तो उन्होंने उन लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया जिन्होंने उसे पीटा था।

अपराध से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने पुलिस के कारवाई के बारे में बताया कि “एक मामला दर्ज कराया गया है और बूढ़े आदमी को मारने में शामिल लोगों की पहचान के बाद और गिरफ्तारी की जाएगी। जिन पुलिसकर्मियों ने मामला दर्ज करने से इंकार किया उनके खिलाफ भी एक जांच का आदेश दिया गया है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की जाएगी।”

 

र्तकसंगत का पक्ष

इस तरह की घटनाएं अब लोगों को आश्चर्यचकित नहीं करती क्योंकि यह एक आम और रोजमर्रा की घटना बन गई है। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 20 वर्षीय व्यक्ति को 50 से ज्यादा ग्रामीणों की भीड़ ने मार डाला था, जब वह और उसके दोस्तों को बुधवार, 29 अगस्त की रात में भैंस चुरा लेने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। मृतक की पहचान शाहरुख खान के रूप में की गई है, जो दुबई में एक दर्जी के रूप में काम करता था और हाल ही में देश में वापस अपने परिवार से मिलने आया था।

ये घटनाएं बढ़ रही हैं और हमें चिंता करनी चाहिए। गायों के इन स्वघोषित संरक्षकों को सख्त सजा के साथ निपटाया जाना चाहिए और न कि माला पहनाना  चाहिए। हम एक खतरनाक समय में हैं जहां लोग अपने हाथों में कानून ले रहे हैं वह भी जानवर के लिए और इंसान को मार दिया जा रहा है और इस घटना ने सिद्ध किया कि अब यह हिंसक मानसिकता न तो धर्म न ही जाति का मामला  है, बल्कि यह एक घृणित मानसिकता में तब्दील होती जा रही प्रविर्ती है जो किसी भी दिन, किसी भी समय, किसी भी जगह हम में से किसी को भी अपने चपेट में ले सकती है, बस एक गलती की ज़रूरत है की आपको गाय के साथ आते जाते देखा जाये  या आप उसके आस पास से गुज़र भी रहे हो सकते हैं, या हो सकता है की आप सड़क पर गाड़ी चला रहे हों और एक गाय आपकी गाड़ी के सामने आ जाये, फिर इस तरह के घटना के शीर्षक बन सकते हैं। अपने आस पास इस तरह की सोच, मानसिकता को रोकना समाज और देश हित में ज़रूरी है, उम्मीद है की जागरूक नागरिक बन कर हम सब इस तरह की घटनाओं को होने से रोकेंगे।

 

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