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दिल्ली: 1076 डायल करें और 40 सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठायें

Kumar Vibhanshu

September 11, 2018

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आज से, दिल्लीवासी 1076 डायल करके सरकारी दस्तावेजों को अपने दरवाजे पर मंगवा सकते हैं। महीनों के बहस, विचार-विमर्श और अस्वीकृति के बाद, अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली दिल्ली सरकार ने अपनी डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम की शुरुआत कर दी है, जिसका उद्देश्य लोगों के दरवाजे पर 40 सार्वजनिक सेवाएं पहूँचाना है।

 

दिल्ली सरकार की नई डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम

नवंबर 2017 में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम के प्रस्ताव की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस, जाति प्रमाण पत्र, नए पानी कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज नागरिकों के दरवाजे तक देने के लिए एक योजना तैयार करेगी।

सेवाओं के शुरू होने की तारीख की घोषणा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस कदम से भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कार्यक्रम के कार्यान्वयन में समस्याओं को उजागर करने के लिए मीडिया से अनुरोध किया है ताकि वे इसे 10-15 दिनों में सुधार सकें। इस योजना को लागू करने के लिए एक निजी कंपनी वीएफएस ग्लोबल को ज़िम्मेदारी दी गयी है।

डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम लंबे समय तक अधर में लटका दिल्ली सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट था और दिल्ली सरकार और लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल के बीच गले की हड्डी बन चुका था। दिसंबर 2017 में, बैजल ने इस प्रस्ताव को सरकारी र्खच में बढोत्तरी का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि 40 में से 35 सेवाएं पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध थीं और कहा कि सरकार को इंटरनेट एक्सेसिबिलिटी बढ़ाने के लिए इंटरनेट कियोस्क स्थापित करना चाहिए। हालांकि, जनवरी 2018 में, बैजल ने योजना के एक संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे सरकार को घरेलू वितरण सुविधाएं प्रदान करने का मार्ग खुल गया।

 

आखिर डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम है क्या?

इस सेवा की मदद से, नागरिक 50 रुपये का मामूली शुल्क चुकाकर, घर बैठे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को प्राप्त कर सकता है। लंबी कतार और अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए नागरिक 1076 डायल कर सकते हैं।

अनुरोध के बाद, मोबाइल सहायक ज़रूरी जानकारी और दस्तावेजों को लेने के लिए आवेदक के दरवाजे तक पहुंच जाएंगे। सरकार आठ विभागों के 40 सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करेगी, जिसमें  विवाह पंजीकरण, जाति, आमदनी, पानी के कनेक्शन, ड्राइविंग लाइसेंस, पेंशन योजनाएं, विकलांगों के लिए स्थायी आईडी, भूमि रिकॉर्ड रिपोर्ट और निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण आदि सेवाएं रहेंगी।

रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल सहयाक बायोमेट्रिक डिवाइस, कैमरा और प्रिंटर सहित प्रक्रिया के लिए सभी आवश्यक उपकरणों से लैस होगा। एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दस्तावेजों को नागरिक के घर भेज दिया जाएगा। इसलिए, नागरिकों को अब अपने दस्तावेज़ अपलोड और रिकॉर्ड करने के लिए साइबर कैफे में भागना होगा या लंबी कतारों में खड़े रहना नहीं होगा।

 

दिल्ली सरकार सेवाएं कैसे प्रदान करेगी?

स्क्रॉल के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने सेवाओं को शुरू करने के लिए एक निजी कंपनी वीएफएस ग्लोबल के साथ मिलकर काम किया है और वर्तमान में, उन्हें लगभग 70 मोबाइल सहायकों की जरूरत है, जिन्हें फर्म द्वारा नौकरी पर रखा जा रहा है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1076 से जुड़ा एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया है जिसे सरकारी अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा। कॉल सेंटर में प्राप्त नागरिक अनुरोधों को  मोबाइल सहयाकों को भेजा जाएगा, जो प्रक्रिया को आगे ले जाएंगे।

हालांकि, एक निजी कम्पनी को शामिल करने की सरकार की योजना ने कई सवाल खड़े किये हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के लिए सरकार की आलोचना की, कुछ बातें यूँ भी उठ रही है कि एक निजी फर्म के आने के साथ उत्तरदायित्व कमजोर हो जायेगी बहरहाल, आप पार्टी के बड़े नेताओं ने कहा है कि मोबाइल सहयाक सिर्फ सेवाएं प्रदान करेंगे और कंपनी किसी भी डेटा को गोपनीय बनाए रखेगी और केवल सरकारी संचालित डिजिटल प्लेटफार्मों पर दस्तावेज अपलोड करेगी।

 

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