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102 नॉट आउट ‘मन कौर’ : वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गोल्ड जीत लाईं

Kumar Vibhanshu

September 21, 2018

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एक मशहूर कहावत है, ” एज इज़ जस्ट ए नम्बर ” जिसका हम अक्सर प्रयोग करते हैं। पंजाब के पटियाला से 102 वर्षीय भारतीय महिला एथलीट – मन कौर ने उम्र की सीमा को तोड़ कर 200 मीटर की दौड़ 3 मिनट और 14.65 सेकेंड में जीतकर वास्तव में इस कहावत की सच्चाई साबित कर दी है, और इस तरह विश्व मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। इंडिया टुडे द्वारा रिपोर्ट के अनुसार वह मैलागा, स्पेन में आयोजित बुजुर्गों के लिए एक ओलंपिक जैसी चैंपियनशिप जो 100-104 वर्ष के बुजुर्गों की श्रेणी में होती है, उसमें भाग ले रही थीं।

कौर की जीत न केवल प्रेरणादायक है बल्कि व्यापक रूढ़िवादीता को भी तोड़ती है। जैसे ही उनके जीत की खबर फैली, ट्विटर पर कौर के लिए शुभकामनाएं और प्यार व्यक्त करने वाली ट्वीट्स का सैलाब उमड़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, मिलिंद सोमन, एक फिटनेस मॉडल और पिंकथॉन के संस्थापक, शुरुआती लोगों में से एक थे, जिन्होंने खबरों को ट्वीट किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।

 

 

पुत्र ने जुनून का पीछा करने के लिए हौसला दिया

कौर के बेटे गुरु देव, 78 वर्षीय एथलीट, जिन्होंने वर्ल्ड मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में भी भाग लिया, उन्होंने अपनी माँ मन कौर को तब तक अपनी जुनून का पीछा करने को कहा जब तक की उनका स्वस्थ्य इसकी अनुमति देता है, उन्होंने हिस्ट्री टीवी 18 चैनल के एक साक्षात्कार में यह बताया। मां-पुत्र जोड़ी पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला में प्रशिक्षण ले रहे हैं । कौर ने कहा, “मैंने शुरुआत में 100 मीटर के लिए दौड़ना शुरू किया लेकिन फिर मैं रेस में दौड़ गयी।”

 

पिछले रिकॉर्ड्स

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, भारत की सबसे उम्रदराज़ महिला एथलीट ने 93 साल की उम्र में अपने एथलेटिक्स करियर की शुरुआत की। आज के युग में, बढ़ती अस्वास्थ्यकर जीवन शैली की बीमारियों के कारण, कोई भी इस तरह की उपलब्धि हासिल करने का शायद ही सपना देख सकता है। हिस्ट्री चैनल से बात करते हुए, उन्होंने कहा, “अगर आपको भगवान पर भरोसा है तो कोई समस्या बहुत बड़ी नहीं है। महत्वपूर्ण बात यह है कि वह चीज करें जो आपको खुशी देती है, मुझे वह खुशी दौड़ने से मिलती है।”

 

पिछले साल अप्रैल में, मन कौर ने ऑकलैंड, न्यूजीलैंड में आयोजित विश्व मास्टर्स चैंपियनशिप में 100 मीटर की दौड़ भी जीती थी।

 

इंडिया टुडे के अनुसार, 2016 में, कौर वैंकूवर, कनाडा में आयोजित अमेरिकी मास्टर्स गेम में पहली बार 1 मिनट और 14 सेकेंड में दौड़ को पूरा करके 100 वर्ष के ऊपर की सबसे तेज धावक बन गयीं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होनें जीत  के बाद अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए नृत्य भी किया था। उन्होंने वर्ल्ड मास्टर्स गेम और अमेरिकी मास्टर्स जैसे कई अन्य चैंपियनशिप में 20 से अधिक पदक जीते हैं।

 

तर्कसंगत का पक्ष

कौर की इच्छा, उत्साह और प्रयासों ने उन्हें इस सराहनीय उपलब्धि को हासिल किया है। इसके अलावा, यह इस मां-बेटे जोड़ी की प्रेम भावना और बंधन की कहानी भी है जो एक तरह से समाज को शिक्षित करती है, जिसमें कई बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को त्याग देते हैं, और उन्हें दुःख में छोड़ देते हैं| तर्कसंगत मन कौर को उनके एथलेटिक करियर में असाधारण जीत और करोड़ो को प्रेरणा देने के लिए बधाई देता है।

 

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