ख़बरें

खबर की परख: क्या सिक्किम का पहला हवाई अड्डा देश का 100 वां हवाई अड्डा है जैसा कि प्रधानमंत्री दावा कर रहे हैं ?

Kumar Vibhanshu

September 26, 2018

SHARES

पूर्व का पर्वत राज्य सिक्किम अब से हवाई सेवा के माध्यम से देश के कुछ हिस्सों के साथ जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 28 कि.मी. की दूरी पर स्थित पूर्वी सिक्किम जिले में पकयोंग हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। सिक्किम को अपना पहला हवाई अड्डा मिल रहा है, इसलिए राज्य को पर्यटन से ज्यादा राजस्व प्राप्त होने की भी संभावना है।

पकयोंग हवाई अड्डे की मंजूरी

मनमोहक हरी भरी वादीयों में घिरे इस सुन्दर हवाई अड्डे की शुरुआत 2008 में यूपीए सरकार की स्विकृती के बाद हुई, हालांकि इसे पूरी तरह से चालू होने में दस साल लग गये।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जी एम सिद्धेश्वर ने कहा कि “साइट की कनेक्टिविटी, प्रतिकूल मौसम की स्थिति, और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा द्वारा लगातार बंदियों और अशांति जैसे कई बाधाओं के कारण परियोजना को 50 महीने तक की देरी हुई। इसके अतिरिक्त, 2011 में भूकंप और हवाईअड्डे परियोजना के आस-पास के इलाकों के स्थानीय निवासियों द्वारा निरंतर मुआवजे के लिए किये जाने वाले आंदोलन ने फिर और देरी की।”

हालांकि सरकार के अनुसार जुलाई 2014 तक 83% काम पूरा हो चुका था, लेकिन इसका परिचालन अब जाकर मुमकिन हुआ है, 2016 में इसे सरकार की UDAN (उड़े देश का आम नागिक) योजना के हिस्से में शामिल कर लिया गया था।



पकयोंग हवाई अड्डे के उद्घाटन में प्रधान मंत्री

श्री मोदी ने ट्वीट किया “ पकयोंग हवाई अड्डे के रूप में, सिक्किम को पहला हवाई अड्डा और भारत को सौवां हवाई अड्डा मिला है। आज विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। सिक्किम में हवाई अड्डे का उद्घाटन कर के बहुत खुश हूँ। सिक्किम आईये और राज्य की सुंदरता और आतिथ्य का अनुभव कीजिए।”

हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह के दौरान, प्रधान मंत्री ने कहा: “भारत में 100 हवाई अड्डे हैं जिनमें से पिछले चार वर्षों में पैंतीस का निर्माण किया गया है”। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2014 तक स्वतंत्र भारत के 67 वर्षों में, 65 हवाईअड्डे थे, जो प्रति वर्ष एक हवाई अड्डे का औसत था, लेकिन पिछले चार वर्षों से, प्रतिवर्ष नौ हवाई अड्डे के औसत से निर्माण हुआ है।

 

क्या पकयोंग हवाई अड्डा वास्तव में भारत का 100 वां हवाई अड्डा है?

नगर विमानन मंत्रालय के तहत भारतीय हवाईअड्डे प्राधिकरण (एएआई) भारत में नागरिक उड्डयन के बुनियादी ढांचे के निर्माण, उड़ान, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। जैसा कि क्विंट द्वारा रिपोर्ट किया गया है, नागरिक उड्डयन की वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 में उल्लेख किया गया है कि एएआई के पास 129  हवाईअड्डे हैं, जिनमें से 23 अंतर्राष्ट्रीय, 78 घरेलू, आठ कस्टम और रक्षा हवाई अड्डे पर 20 सिविल एन्क्लेव हैं। इसके अलावा, 19 जुलाई, 2018 को सरकार द्वारा दायर किए गए जवाबों के अनुसार, एएआई के स्वामित्व वाले 129 हवाई अड्डों में,सिविल एनक्लेव सहित 101 हवाईअड्डे परिचालन में हैं, और 28 गैर-परिचालन हैं।

 

श्री मोदी के बयान की जांच 

1 दिसंबर, 2014 को नागर विमानन मंत्रालय द्वारा दायर एक उत्तर के मुताबिक दिसंबर 2014 को एएआई द्वारा प्रबंधित हवाई अड्डों की संख्या 125 थी। इनमें से 94 हवाई अड्डे / सिविल एन्क्लेव परिचालन में हैं और 31 हवाई अड्डे / सिविल एन्क्लेव परिचालन में नहीं हैं।
यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि 2014-18 के दौरान बनाए गए परिचालन हवाई अड्डों की संख्या उद्घाटन के दौरान प्रधान मंत्री द्वारा वर्णित संख्या (चार वर्षों में 35 हवाई अड्डों) के विपरीत केवल सात है।

 

उड़ान योजना

यूडीएएन 2016 में भारत सरकार द्वारा पेश की गई एक रीजनल कनेक्टिविटी सिस्टम (आरसीएस) है, जिसका उद्देश्य है  “उड़े देश का आम नागरिक” के उद्देश्य से। जैसा कि तर्कसंगत द्वारा पहले बताया गया था, भारत में कम से कम 400 या अधिक ऐसे हवाई अड्डे हैं जिन्होंने पिछले कुछ समय में कोई उड़ान नहीं देखी है। अन्य प्रकार के हवाई अड्डे हैं, जिन्हें ‘अंडर-सर्विस’ हवाई अड्डे कहा जाता है, जिनमें बहुत कम उड़ानें होती हैं। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और ‘सर्विस’ के साथ ‘अंडर-सर्विस’ हवाई अड्डों का पूरी तरह से उपयोग करने के लिए, अक्टूबर 2016 में यूडीएएन की इस योजना को लॉन्च किया गया था। इस योजना के तहत 50% सीटों की लागत रु2500, आम आदमी के बारे में विचार कर के रखी गयी है।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...