ख़बरें

अमित शाह: बीजेपी कार्यकर्ता में इतनी क्षमता है कि फेक न्यूज़ को भी वायरल बना सकते हैं

तर्कसंगत

September 28, 2018

SHARES

आज जब देश वायरल मैसेज और वीडियोज़ से होने वाले हिंसा, उत्तेजना, अपराध, पोलराइजेशन आदि से जूझ रहा है बजाये इसके कि इस तरह की चीज़ों से कैसे बचा जाये और जनता में सद्भाव लाया जाये यह बताने के, हमारे देश के सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी के नेता इस बात का दम्भ भरते नज़र आ रहे हैं कि उनके पार्टी के सोशल मीडिया के कार्यकर्ता किसी भी तरह के मैसेज को वायरल बना सकते हैं|

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में कोटा में पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के पास कोई संदेश वायरल ले जाने की शक्ति है। लगभग 40 मिनट के लंबे भाषण के दौरान, बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि कैसे पार्टी के व्हाट्सएप समूह में 32 लाख से अधिक लोग हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक पार्टी कार्यकर्ता ने अखिलेश यादव की नकली खबर फैलाई थी, जिसमें वह अपने पिता मुलायम यादव को थप्पड़ मारते हुए दिखाए गए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जनता को कोई भी संदेश देने में सक्षम हैं।

 

इस कार्यक्रम में अमित शाह का भाषण

उनके सटीक शब्द वीडियो के 26:30 के समय पर सुना जा सकता है जो यूट्यूब पर उपलब्ध है।


कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए हिंदी में शाह ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनावों के दौरान भाजपा के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने दो बड़े व्हाट्सएप समूह बनाए थे, जिनमें कुल 31 लाख से अधिक सदस्य थे। हर सुबह 8 बजे, वे ‘know the truth ‘ नामक सन्देश भेजते थे जहां बीजेपी के बारे में छपी सभी झूठी कहानियों की सच्चाई ऐप के माध्यम से शेयर की जाती थीं। उन्होंने कहा कि जो भी प्रकाशन इस तरह की झूठी कहानियों को फैलाता है, उसके बाद साधारण लोग और सोशल मीडिया उसके पीछे पड़ जाते हैं । उन्होंने कहा कि इससे मीडिया को धीरे-धीरे तटस्थ होना पड़ा।

वह एक कार्यकर्ता की कहानी बताते हैं। उन्होंने कहा कि संदेश या खबर ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर जाता है। कार्यकर्ता ने समूह में एक झूठा संदेश प्रसारित किया था जिसमें कहा गया था कि अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह को थप्पड़ मार दिया था। सोशल मीडिया टीम ने संदेश फैलाने के बाद, यह वायरल चला गया और शाह को फ़ोन पर फ़ोन आने लगे जहां कॉलर उन्हें इस ख़बर की जानकारी दे रहे थे।

फिर वह कहते हैं कि यह कुछ करने योग्य है लेकिन नहीं किया जाना चाहिए। भीड़ इस बात पर ख़ूब ताली बजाती है और जयकार करती है, उन्होनें फिर कहा, “ये करने जैसे काम हैं मगर करना मत! अच्छा काम भी कर सकते हैं। हम जो चाहें वो संदेश जनता तक पहुंचा सकते है, चाहे खट्टा हो या मीठा हो, सच्चा हो या झूठा हो।”

तर्कसंगत का पक्ष 

आज जब व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया वेबसाइटों जैसे प्लेटफार्मों पर फेक न्यूज़ धड़ल्ले से फैलाया जा रहा है, भारत में अमित शाह, जो बीजेपी के सर्वोच्च नेता माने जाते हैं, उन्हें नकली खबर फैलाने वाले व्यक्ति की निंदा करते नहीं देखा गया। बीजेपी आईटी सेल कई बार फर्जी, फैब्रिकेटेड या झूठी खबरें शेयर करता पाया गया है और शाह, पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते दृढ़ता से इस तरह के कदमों का विरोध करना चाहिए था|

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...