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बिहार: पुलिस ने कथित तौर पर युवक को चलती ट्रेन से फेंका, एस पी का इंकार कहा युवक गिरफ़्तारी के डर से कूदा

तर्कसंगत

October 5, 2018

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बिहार के गया जिले के 22 वर्षीय युवक को शुक्रवार 28 सितंबर को सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों द्वारा चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की वारदात सामने आयी है। रिपोर्ट के अनुसार, वेंकटेश उर्फ चुन्नू का मृत शरीर अगले दिन गया जीआरपी कर्मियों द्वारा पहाड़पुर स्टेशन के पास रेलवे पटरियों पर से बरामद किया गया।

 

क्या हुआ था?

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, यह घटना रेलवे पुलिस और चुन्नू के बीच पैसे की मांग को लेकर हुई, क्योंकि चुन्नु टिकट के बिना यात्रा कर रहे थे। यह घटना जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में कोडर्मा और गया के बीच हुई थी।

ट्रेन के सह-यात्रि, पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार से काफ़ी गुस्से में दिखे और पुलिसवालों से उलझ भी गए। हाथापाई के वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ यात्री पुलिस पर इस कारण से गुस्से में थे की उन्होनें युवक से पैसे मांगे थे। वीडियो में, लोगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पैसे के लिए पुलिस ने लड़के को चलती ट्रेन से बाहर धकेल दिया। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना ट्रेन टिकट परीक्षक (टीटीई) से वैध टिकट पाने में के बाद हुई|

 

एस पी  ने आरोपों से इंकार किया है

रेल पुलिस अधीक्षक (पटना), अशोक कुमार सिंह ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि चुन्नू ट्रेन पर शराब पिए हुए था और गिरफ़्तारी से बचने के लिए ट्रेन से कूद गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुन्नू नशे में था। उन्होंने कहा कि जब ट्रेन पहाड़पुर के पास पहुंची, तो कुछ यात्रियों ने शिकायत की थी कि शराब के प्रभाव में दो युवकों ने कोच में उपद्रव पैदा करना शुरू कर दिया था। तब पुलिस एस्कॉर्ट टीम ने युवाओं को पकड़ने की कोशिश की थी। जबकि चुन्नू ट्रेन से कूद गए, उसका दोस्त कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि आगे की जांच चल रही है।
इसी तरह की एक घटना पिछले हफ्ते होलंबी कलान और बदली रेलवे स्टेशनों के बीच एक ईएमयू ट्रेन में हुई थी, दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल द्वारा एक महिला को परेशान किया गया था। जागरण ने बताया कि उसके व्यवहार के बारे में शिकायत करने पर, कॉन्स्टेबल ने उसे चलती ट्रेन से फेंकने की धमकी दी थी।

 

युवक के परिवार का क्या कहना है?
मृत के छोटे भाई गौरव ने न्यूज़ 18 को बताया कि उनका भाई टिकट के साथ यात्रा कर रहा था जिसकी पुष्टि किये बग़ैर पुलिसकर्मी उससे पैसे मांग रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका भाई एक विनम्र और शांत व्यक्ति था जिसकी किसी के साथ झगड़े में शामिल होने का कोई इतिहास नहीं था। मृतकों के रिश्तेदारों ने यह भी कहा कि वे मामले को अदालत में फाइल करेंगे क्योंकि रेलवे पुलिस उनके साथ सहयोग नहीं कर रही है।

तर्कसंगत अधिकारियों से इस मामले की जांच करने के लिए आग्रह करता है और अधिकारी ये सुनिश्चित करें की सही जाँच हो और  न्याय मिले।

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