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एक साल में यात्रियों ने 1.95 लाख तौलिये, 81,736 चादरें, और बाद बाकि सामान रेल से चोरी किये या उन्हें क्षतिग्रस्त किया

तर्कसंगत

October 6, 2018

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अधिकतर रेल से यात्रा करते वक़्त हम में से बहुत लोगों ने “भारतीय रेलवे आपकी संपत्ति है इसे नुकसान न पहुँचायें  “, ऐसा लिखा देखा होगा या इसी से कुछ मिलता जुलता, कुछ नागरिक इसे बहुत गंभीरता से लेते हैं। पश्चिमी रेलवे द्वारा जारी किए गए एक हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष में 1.95 लाख तौलिए, 81,736 बिस्तर की चादरें, 55,573 तकिया कवर, 5,038 तकिए, और 7,043 कंबल, लंबी दूरी की ट्रेनों से चुराए गए हैं| इसके अलावा, लगभग 200 शौचालय मग, 1,000 नल के करीब, और 300 से अधिक फ्लश पाइप भी चुराए गए थे।

 

भारतीय रेलवे को  घाटे का सामना करना पड़ता है
मुंबई मिरर ने सुनील उदासी , सीपीआरओ सेंट्रल रेलवे का हवाला देते हुए कहा कि इस साल अप्रैल और सितंबर के महीनों के बीच 62 लाख रुपये के सामान चुराए गए थे। इसमें 79,350 हाथ तौलिए, 27,545 बिस्तर चादरें, 21,050 तकिया कवर, 2,150 तकिए और 2,065 कंबल शामिल हैं।

यह एक बार की घटना नहीं है क्योंकि हिंदू ने बताया था कि 2016 और 2017 के बीच, मुंबई डिवीजन में 56 ट्रेनों से 71.52 लाख रुपये की बेड शीट और तौलिए चुराए गए थे। इसके अलावा, वाशरूम फिटिंग भी चोरी हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन फिस्कल में, भारतीय रेलवे को 4000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जहां चोरी एक प्रमुख कारण है।

पश्चिमी रेलवे के सूत्रों ने यह बताया है कि पिछले वित्त वर्ष में 2.5 करोड़ रुपये की रेल संपत्ति चोरी हो गई थी। इस राशि में क्षतिग्रस्त संपत्तियों को ठीक करने के लिए आवश्यक धनराशि शामिल नहीं है। इसके अलावा, मुंबई मिरर ने बताया कि एक बेडशीट की लागत 132 रुपये है, जबकि एक तौलिया की कीमत 22 रुपये है और एक तकिया की लागत 25 रुपये है। यह सुनिश्चित करने के काम कोच अटेंडेंट  का है कि प्रत्येक आइटम यात्री द्वारा वापस कर दिया गया है।

 
रेलवे से चोरी करने की घटना 

ट्रेनों से वस्तुओं को बर्बाद करने और चोरी करने वाले नागरिकों के उदाहरण बहुत अधिक हैं। पिछले साल, तेजस एक्सप्रेस पर, यात्रियों ने वाशरूम से जगुआर फिटिंग, साथ-साथ हेडफ़ोन चुरा ली और कई एलईडी स्क्रीन क्षतिग्रस्त कर दी गईं। इस सप्ताह की शुरुआत में, रतलाम निवासी शबीर रोटिवाला को छः बेडशीट, तीन तकिए और तीन कंबल चुरा लेने के लिए गिरफ्तार किया गया था। वह बांद्रा टर्मिनस से लंबी दूरी की ट्रेन में प्रवेश किया और उन्हें अपने बैग में सामान भरते पकड़ा गया। इसके अलावा, हाल ही में खबरों में सुन्दर सजे  रेलवे कोचों को बर्बाद करने वाले लोगों के उदाहरण भी हैं।

 

भारतीय रेलवे अपनी कई ट्रेनों में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अपने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि यात्रियों के लाभ के लिए यह किया जाता है, लेकिन इस तरह की शर्मनाक करतूत देश के सबसे बड़े सार्वजानिक यातायात व्यवस्था को नुकसान पहुँचा रही है ।

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