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न्यायमित्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जमा रिपोर्ट के अनुसार देश में राजनेताओं, विधायकों, सांसदों के ख़िलाफ़ कुल मिलाकर 4122 मामले लंबित

तर्कसंगत

December 6, 2018

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सुप्रीम कोर्ट के एक रिपोर्ट से पता चला है कि वर्तमान और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ कुल मिलाकर लगभग 4,122 मामले हैं। रिपोर्ट ‘अमीकस क्यूर’ (न्यायमित्र) विनय हंसरिया और स्नेहा कलिता ने तैयार की थी। रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एससी खंडपीठ के आदेश पर जमा की गई थी।

वकील और भाजपा नेता अश्वनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर पीआईएल पर सुनवाई के दौरान सबमिशन किए गए थे। उपाध्याय ने दोषी विधायकों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।

 

मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ 2,324 लंबित मामले

जैसा कि न्यूज़ 18 द्वारा रिपोर्ट किया गया है, 4,122 मामलों में से, मौजूदा विधायकों के खिलाफ 2,324 मामले हैं और 1,675 पूर्व सांसदों के खिलाफ हैं। 1991 के मामलों में चार्ज ही नहीं बनाये गए हैं| वास्तव में, ऐसे कुछ मामले भी हैं जो करीब तीन दशकों तक लंबित हैं।

विशेष रूप से, 2014 में, सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ एक साल के भीतर केस के निपटारा करने का आदेश दिया था। अभी के प्रस्तुत रिपोर्ट से यह ज़ाहिर है कि बिना किसी दंड के कारण सभी स्तरों के कोर्ट ने किस तरह इस आदेश का पालन किया है।

लाइव लॉ के मुताबिक ‘अमीकस क्यूरी’ (न्यायमित्र) हंसियारिया ने सुझाव दिया कि, प्रत्येक जिले में सत्र और मजिस्ट्रेट स्तर पर एक विशेष अदालत को ऐसे मामलों को निपटाने के लिए मनोनीत किया जा सकता है। हंसिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “विधायकों के खिलाफ मामलों की लापरवाही लगभग सभी राज्यों में एक उदासीन तस्वीर प्रस्तुत करती है, ज़्यादा से ज़्यादा केस ऐसे हैं जिसमें आजीवन कारावास की सजा हो सकती है जो दशकों से लंबित हैं। बड़ी संख्या में मामलों में, अभी तक चार्ज भी नहीं तैयार किए गए हैं।”

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक सत्र और मजिस्ट्रेट अदालत को नामित करने के बजाय, प्रत्येक उच्च न्यायालय के पूर्व और वर्तमान विधायकों को आपराधिक मामलों को आवंटित कर सकता है ताकि वे कई सारे सत्र या मजिस्ट्रेट अदालतों को बनाकर सारे केस का निपटारा जल्द से जल्द कर सके।

 

सूची में जाने-माने नाम

रिपोर्ट में सूचीबद्ध लोगों में से कई प्रसिद्ध नाम हैं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ 18 मामले हैं। इनमें से 18 में से कम से कम 10 मामले हैं जो उन्हें ज़िन्दगी भर के लिए दंडित कर सकते हैं। हालांकि, उनमें से किसी में आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर किया जाना बाकी है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खिलाफ 2007 का भ्रष्टाचार का मामला है, लेकिन आरोप अभी तक तैयार नहीं किए गए हैं। 1982 में केरल के विधायक एमएम मनी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, हालांकि, मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है।

समाजवादी पार्टी के सांसद अतीक़ अहमद के खिलाफ कम से कम 22 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से 10 में आजीवन कारावास या मौत की सजा के साथ दंडनीय अपराध हैं। ये सभी मामले अलग-अलग चरणों में लंबित हैं।

 

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