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ताजमहल का दीदार हुआ पाँच गुना महँगा, 50 रूपये के टिकट अब 250 रूपये में मिलेंगे

तर्कसंगत

Image Credits: Wikimedia

December 15, 2018

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भारतीय टूरिस्ट के लिए ताजमहल का दीदार अब थोड़ा महँगा हो गया है, सरकार ने ताजमहल देखने के टिकट के दाम में पाँच गुना इज़ाफ़ा किया है। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा सरकार द्वारा ऐसा इसलिए किया जा रह है क्यूँकि टूरिस्ट की संख्या कम होने से प्रतिष्ठित स्मारक को नुकसान कम होगा। इससे पहले भारतीयों के लिए एंट्री फी 50 रुपये थी। लेकिन, अब मुख्य मकबरे में प्रवेश करने की कीमत, जिसमें शाहजहाँ और मुमताज महल की कब्रों की कलात्मक प्रतिकृतियां शामिल हैं, उसको 250 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। अब आप 50 रुपये के टिकट पर, केवल ताज के चारों ओर घूम सकते हैं, और उसके पीछे की तरफ बहती यमुना नदी को देख सकते हैं।

पाँच गुना वृद्धि
द गार्जियन के अनुसार, औसतन 10,000-15,000 लोग रोज ताजमहल जाते हैं, उनमें से अधिकांश भारतीय होते हैं। पिछले सोमवार से प्रभावी मुख्य मकबरे के लिए भारतीय नागरिकों के लिए टिकट का दाम 50 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है।

सार्क और बिम्सटेक देशों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों के लिए टिकट मूल्य अब 1,300 रुपये होगा। और सार्क देशों के नागरिकों के लिए कीमत 540 रुपये से बढ़ाकर 740 कर दी गई है।

ताजमहल में प्रवेश टिकट केवल तीन घंटों के लिए मान्य है, जिसके बाद एक नया टिकट खरीदना पड़ेगा। 15 से नीचे के बच्चों के लिए प्रवेश मुफ्त होगा। टिकटों पर अतिरिक्त छूट ऑनलाइन बुकिंग करने पर दी जाएगी।

 

पहले भी टूरिस्ट संख्या कम करने का प्रयास किया गया

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जो ताजमहल के रखरखाव के लिए एक जिम्मेदार सरकारी निकाय है, उसके एक प्रवक्ता, ने कहा, “हम टिकट के दाम में वृद्धि कर के पर्यटकों की संख्या में कमी लाना चाहते हैं, और बढ़े दाम के साथ जो पैसे आएंगे उसे ताजमहल की बेहतर रख रखाव में खर्च किया जायेगा। टिकट की कीमतों में वृद्धि के कारण से कम से कम 15-20% तक टूरिस्ट की संख्या में कटौती आएगी और इसके रख रखाव के लिए पैसा जमा होगा”।

कुछ महीने पहले, टूरिस्ट की संख्या को कम करने के प्रयास में हर दिन केवल 40,000 टूरिस्ट को एंट्री मिलती थी। प्रतिबंध से पहले, सप्ताहांत और छुट्टियों पर प्रतिदिन 70,000 लोग स्मारक का दौरा करते थे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आगंतुकों की बड़ी संख्या से संगमरमर के फर्श, दीवारों और नींव को ऐसी क्षति पहुँच रही है जिसे दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता है।

आगरा में प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से प्राधिकरण सफेद संगमरमर को पीले होने से रोकने के विभिन्न तरीकों की तलाश में हैं।

स्मारक के साथ बहने वाली यमुना नदी अत्यधिक प्रदूषित है और नदी के कीड़े ताजमहल पर मल विसर्जित करके नुकसान पहुँचाते हैं। यह साइट उन बंदरों द्वारा भी क्षतिग्रस्त किया जाता है जो स्मारक के मुख्य द्वार पर होते हैं।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जुलाई में, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों की विफलता पर स्मारक को या तो बंद करने या गिरा देने की फटकार लगायी थी।

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