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तमिलनाडु: घर में नहीं था शौचालय तो 7 साल की बेटी ने पिता पर किया केस

तर्कसंगत

Image Credits: The News Minute

December 20, 2018

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10 दिसंबर को, एक सात वर्षीय लड़की ने अपने पिता के खिलाफ अंबुर महिला पुलिस स्टेशन, तमिलनाडु में शिकायत दर्ज़ की, बच्ची की शिकायत थी कि उसके पिता ने उससे वादा किया था कि  घर में  शौचालय बनवाएंगे मगर ऐसा न कर के उन्होनें बच्ची को धोखा दिया है।

 

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार

लड़की, हनिफा ज़ारा, अपनी स्कूल की यूनिफार्म में मुस्कुराते हुए पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई, उसका बैग प्रमाण पत्र और पदक से भरा हुआ था। सब-इंस्पेक्टर ए वालरमाथी, जिनसे हनीफा ने अपनी शिकायत की उन्होनें बताया कि वह मासूम लड़की ने उन्हें ‘आंटी’ बोल के संबोधित कर रही थी और बताया कि उसके पिता ने उसे “धोखा दिया”।

 

पैसे की कमी कारण शौचालय नहीं बन पाया 

30 वर्षीया एहसानुल्लाह और 25 वर्षीया मेहरीन की बेटी हनीफा उनके दो बच्चों में बड़ी है, उससे छोटी एक और डेढ़ साल की बेटी है| “वो हमेशा स्कूल में अव्वल आती है, वह जब एलकेजी में पढ़ती थी तब से मुझे शौचालय बनाने की ज़िद्द कर रही है”,एहसानुल्लाह ने कहा| उन्होनें बताया की हनीफा से उन्होंने कहा था कि जब वह स्कूल में अव्वल आएगी तो शौचालय बनवा देंगे और उस दिन से वह स्कूल की परीक्षा में अव्वल आ रही है|

हनीफा जो घर के नज़दीक के स्कूल में पढ़ती है उसने ए वालरमाथी को बताया कि उसके स्कूल में उसे बताया गया है कि घर में शौचालय बनवाना कितना ज़रूरी है!! ए वालरमाथी बताती हैं कि “मैंने उसकी बातें सुनकर उसके पिता को बुलवाया तो उसने रोते रोते बताया कि वह शौचालय बनवाने की हालत में नहीं है|”

एहसानुल्लाह रामेश्वरम की एक कैंटीन में काम करते थे लेकिन वह नौकरी भी उनके हाथ से चली गयी। वित्तीय कठिनाइयों के कारण, वह अपने घर में शौचालय नहीं बनवा सके। उनके घर में बिजली की आपूर्ति भी नहीं है।

हनीफा अपने पिता की असमर्थता से अनजान है कि वह जो मांग रही है उसके पिता उसे नहीं दे सकते। वह अपने पिता से नाराज है और हाल ही में उसने पिता से बात करना बंद कर दिया है।

 

 अंबुर नगर पालिका जल्द ही शौचालय बनवाएगा

पुलिस द्वारा इस मुद्दे के बारे में अंबुर नगर पालिका अधिकारियों को सूचित किया गया, और उन्होंने कहा कि वे जितनी जल्दी हो सके परिवार के लिए शौचालय का निर्माण करेंगे। वालरमाथी ने कहा कि हनीफा यह सुनकर बहुत खुश थीं और पुलिस ने हनीफा और उसके पिता की दोस्ती करवा दी।

पुलिस को अपने पूरे दिल से धन्यवाद देते हुए हनीफा पुलिस स्टेशन से बाहर चली गई। वालरमाथी ने कहा, “मैं उस दृश्य को नहीं भूल सकती।”

इस भावनात्मक घटना ने उन कठिनाइयों पर प्रकाश डाला है जो वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहे लोग अक्सर सामना करते हैं। एक मासूम शिकायत के साथ, एक गंभीर मुद्दा सामने लाया गया है। तर्कसंगत उम्मीद करता है कि जल्द ही हनीफा को अपने घर में शौचालय मिल जायेगा।

 

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