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नोएडा पुलिस ने फ़र्ज़ी कॉल सेंटर पर मारा छापा, 126 गिरफ्तार, अमरीकी नागरिकों से ऐंठते थे पैसे

तर्कसंगत

Image Credits: ILO In Asia and the Pacific/Flickr

December 24, 2018

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नोएडा पुलिस द्वारा अब तक के किए गए सबसे बड़े छापे में, 21 दिसंबर को एक फर्जी कॉल सेंटर से 126 लोगों को अमेरिकी नागरिकों से कथित रूप से पैसे निकलवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. कथित तौर पर, कॉल सेंटर ने अमेरिकी नागरिकों को उनके सामाजिक सुरक्षा संख्या (सोशल सिक्योरिटी नंबर) में गड़बड़ी पर एफबीआई की गिरफ्तारी का भय देकर उनसे USD 3500 मांगते थे.

नोएडा के सेक्टर 63 में स्थित कॉल सेंटर में गुरुवार देर रात छापा मारा गया. संचालकों और कॉलर्स से पूछताछ और गिरफ्तार करने के अलावा 312 कंप्यूटर यूनिट जब्त की गईं और 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई.

 

बोगस कॉल सेंटर ने अमेरिकी नागरिकों को ठगा

न्यूज़ 18 के रिपोर्ट के अनुसार गौतम बौद्ध नगर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने पीटीआई को बताया कि कॉल करने वाले लोग सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के रूप में बात करते थे और अमेरिकी नागरिकों को बताते थे कि उनका सोशल सिक्योरिटी पिन (अमेरिकी नागरिकों को दिया गया एक नौ अंकों का यूनिक नंबर) चोरी हो गया है और समस्या को हल करने के लिए उन्हें ज़ुर्माने के रूप में पैसे देने होंगे. कथित तौर पर, कॉल करने वाले पीड़ितों के कॉल मेलबॉक्स नंबर पर झूठी समस्या के बारे में बताते हुए वौइस् मेल छोड़ते थे और उनसे वापस कॉल करने का आग्रह करते थे, जो तब उनके झूठे कॉल का शिकार बन जाते थे.

कॉल करने वाले तब 3,500 अमरीकी डालर तक मांगते थे और इसे “प्‍लेस्‍टोर कार्ड” के माध्‍यम से ट्रांसफर करने को कहते थे. कॉल सेंटर के मालिक इसके बाद दुबई, चीन और अमेरिका में अपने सहयोगियों का उपयोग करके इसे एनकैश करते थे. जांच का नेतृत्व कर रहे एसएसपी ने कहा, ‘कॉल सेंटर भोले अमेरिकियों को धोखा देकर औसतन हर रात यूएसडी 50,000 कमाता था’ इसके अलावा, अपराधी एक अमेरिकी लहजे के साथ अंग्रेजी में बात करते थे और ट्रूकॉलर का कर उपयोग उन लोगों के नाम पता कर लेते थे, जिन्हें वे कॉल करना चाहते थे,ताकि उन पर संदेह न जाये.

इंडिया टुडे के अनुसार,  यह छापा, 17 घंटे तक चला था, और इसकी सुचना संयुक्त राज्य अमेरिका में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से मिली थी. एजेंसी नोएडा में भी पुलिस बलों के संपर्क में है.

 

पुलिस के छापे के पिछले मामले

कथित तौर पर, 2018 के 20 जुलाई से 21 दिसंबर के बीच, 25 बोगस कॉल सेंटरों को इसी तरह के संदिग्ध ऑपरेशन चलाने के लिए बंद किया गया था. इस प्रक्रिया के दौरान, करीब 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 400 कंप्यूटर जब्त किए गए. जहां सस्ते हॉलिडे पैकेज के नाम पर भारतीयों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर के मामले पहले से ही सुर्खियां बन रहे थे, वहीं छापेमारी की श्रृंखला बताती है कि विदेशी भी कैसे शिकार होते जा रहे हैं.

भारतीयपुलिस के साथ एफबीआई के सहयोग को भारत में अमेरिका के दूतावास द्वारा एक “महान उदाहरण” के रूप में देखा गया है, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया. इस बीच, नोएडा से बाहर संचालित होने वाले इन फर्जी कॉल सेंटरों के पीछे के मास्टरमाइंडों को पकड़ने में पुलिस लगी है.

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