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पार्टी कार्यकर्ता द्वारा पूछे सवाल से शर्मिंदा हुए मोदी, पार्टी अब से सवालों की जाँच करेगी

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Image Credits: NDTV

December 26, 2018

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टाइम्स ऑफ इंडिया के एक रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम “मेरा बूथ एक मजबूत बूथ” खुद प्रधानमंत्री द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने और NaMo ऐप के माध्यम से अपनी शंकाओं को दूर करने का एक पहल है. उन्होंने कहा है कि पार्टी की सफलता के पीछे कार्यकर्ता प्रमुख कारण हैं. हालांकि, 19 दिसंबर को, लाइव इंटरैक्शन के समय यह उल्टा पड़ता नज़र आया जब एक पार्टी कार्यकर्ता ने टैक्स के बोझ को उजागर करते हुए कहा कि मध्यम वर्ग के लोग इस बोझ का सामना ज़्यादा  करते हैं और सरकार सिर्फ टैक्स को इकट्ठा करने में व्यस्त है. घटना के बाद, प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आगे से सावधान रहने और सवालों और उस व्यक्ति से सम्बंधित जाँच करने का फैसला किया है जो कार्यक्रम में सवाल पूछ रहा हो.

 

पीएम जवाब के बजाय आश्वासन देते हैं

19 दिसंबर को, मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए वेल्लोर, विलुप्पुरम, दक्षिण चेन्नई, कांचीपुरम और पुदुचेरी के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर रहे थे. तब निर्मल कुमार जैन नामक कार्यकर्ता ने अपना मौका आने पर मध्यम वर्ग के लोगों द्वारा झेले जा रहे टैक्स के बोझ के बारे में चिंता जताई.

उन्होंने पूछा, ” माननीय प्रधान मंत्री .. मैं इस अवसर के लिए आपका आभारी हूँ कि मैंने आपसे बात की. मेरा प्रश्न यह है कि आप देश को बदलने के लिए जो काम कर रहे हैं, वह निस्संदेह एक अच्छा कदम है, लेकिन लोगों के मध्य वर्ग की राय है कि आपकी सरकार केवल और सभी तरीकों से कर जमा करने में व्यस्त है. आईटी सेक्टर, लोन प्रोसेसिंग प्रोसेस और बैंक ट्रांजैक्शन फीस और पेनल्टी में वे जो छूट की उम्मीद कर रहे थे, वह उन्हें नहीं मिली. मेरा निवेदन है कि मध्यम वर्ग का ध्यान रखें, जो आपकी पार्टी का मूल है, जैसे आप उनसे टैक्स वसूलते समय ध्यान रखते हैं. धन्यवाद सर. “[स्रोत: न्यूज़ मिनट]

पीएम ने जवाब में एक अजीब मुस्कान दी और एक आश्वासन दिया कि वह इस देश को बेहतर बनाने की अपनी क्षमता में सभी प्रयास कर रहे हैं. प्रधान मंत्री ने उत्तर दिया, “धन्यवाद, निर्मल जी. आप एक व्यापारी हैं, इसलिए यह सामान्य है कि आप व्यवसाय पर बात करेंगे. मैं आम लोगों की देखभाल करने का पक्ष लेता हूँ और आम लोगों का ध्यान रखा जाएगा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ.” शर्मिंदगी से बचने के लिए, पीएम ने बातचीत को समाप्त करते हुए कहा, “चलिए पुदुचेरी को वानकम्.”

 

पार्टी अब पूछे जाने वाले सवालों पर विशेष ध्यान देगी

घटना के बाद, प्रधान मंत्री कार्यालय अब बातचीत के कार्यक्रम के लिए उम्मीदवारों और उनके प्रश्नों को चुनने में अतिरिक्त प्रयास करने जा रहा है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पार्टी के सूत्रों ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कमान सौंपी है, जो रविवार के कार्यक्रम के 48 घंटे से पहले वीडियो शूट करने और भेजने के लिए प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने के इच्छुक हैं. एक सूत्र ने कहा कि वे पुडुचेरी में निर्मल जैन द्वारा उठाए गए ऐसे सवाल को दरकिनार करने के लिए पूरी प्रक्रिया की दोहरी जाँच कर रहे हैं ताकि आगे से ऐसा न हो. कार्यक्रम में मौजूद प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी को लगभग 500 से 1000 सवाल मिलते हैं.

पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि पुदुचेरी में हुई घटना उनके लिए एक सबक थी.

वीडियो के वायरल होने के बाद, इस घटना ने फिर से पीएम द्वारा पिछले चार और साढ़े चार सालों में बिना किसी इंटरव्यू के जवाब देने और एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने की क्षमता पर चर्चा शुरू हो गयी है.

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