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बेंगलुरु: महिलाओं की सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट पर पिंक कैब सेवा शुरू की गई

तर्कसंगत

Image Credits: News18

January 9, 2019

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बेंगलुरु में अब केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जाने वाली महिला यात्रियों की सेवा के लिए महिला ड्राइवरों के साथ गुलाबी कैब सेवा मौजूद रहेगी.

न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (KSTDC), बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) के साथ मिलकर शहर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस संयुक्त उपक्रम के साथ आई है. इस सेवा का लाभ अकेली महिला यात्री और महिलाओं के समूह दोनों उठा सकते हैं. शहर का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, शहर के केंद्र से लगभग 40 किमी दूर देवनहल्ली में स्थित है.

 

कैब सर्विस कैसे काम करती है?

चौबीसों घंटे, 10 कैबों का एक बेड़ा बेंगलुरु के आसपास महिला यात्रियों को हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए काम करेगा. सुबह 6 बजे से 11:59 बजे के बीच किराया 21.50 / किमी होगा, रात के दौरान यह बढ़कर 23.50 / किमी हो जाएगा.

महिला ड्राइवरों को आत्म-निर्भर बनाने के प्रयास में, उन्हें उन गांवों से भर्ती किया गया है जो हवाई अड्डे के चारों ओर हैं. महिला ड्राइवरों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण भी दिया गया है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वे कई भाषाओं में धाराप्रवाह बोल पाएंगी और शहर को नेविगेट करने में भी अच्छी होंगी. इसके अलावा, जीपीआरएस ट्रैकिंग और एसओएस स्विच जैसी सुरक्षा सुविधाएँ कैब में उपलब्ध होंगी.

केएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक, कुमार पुष्कर ने कहा, “यह प्रयास हवाई अड्डे से महिला यात्रियों के लिए परिवहन का एक सुरक्षित माध्यम प्रदान करने का है, साथ ही साथ महिला ड्राइवरों के लिए स्वरोजगार और सशक्त होने के अवसर पैदा करता है.”

 

तर्कसंगत का पक्ष

केवल बेंगलुरु की स्थिति ऐसी नहीं है, भारत में हर शहर में महिलाएं अक्सर कैब में अकेले यात्रा करते समय असुरक्षित महसूस करती हैं. महिलाओं के खिलाफ हिंसा देश में एक बदसूरत वास्तविकता बन गई है, और यह बिना कहे समझने वाली बात है कि अपराधियों में ज्यादातर पुरुष शामिल होते हैं.

ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां महिलाएं कैब ड्राइवरों द्वारा यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अपहरण की शिकार रही हैं. यह सच है कि हर कैब चालक खतरनाक नहीं होता, लेकिन ऐसी घटनाओं ने महिलाओं को कैब में सवार होते वक़्त डरने के लिए मजबूर कर दिया है. हाल ही में एक घटना में, पश्चिम बंगाल में एक महिला को चालक द्वारा अपहरण से बचने के लिए एकचलती  कैब से कूदना पड़ा।

केएसटीडीसी और बीआईएएल ने शहर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है. तर्कसंगत  को उम्मीद है कि देश के अन्य शहर भी उनके नक्शेकदम पर चलेंगे.

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