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नए शैक्षणिक सत्र में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में 10% कोटा होगा: सरकार

तर्कसंगत

January 18, 2019

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15 जनवरी को, केंद्र सरकार ने घोषणा की कि सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बढ़ा हुआ 10% आरक्षण 2019 शैक्षणिक सत्र से सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किया जाएगा, जो की जुलाई में शुरू होगा. इसमें निजी और सरकारी दोनों संस्थान शामिल होंगे. केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च जाति कोटा कानून के बारे में मीडिया को सूचित करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाएगी जिससे ये सुनिश्चित हो सके कि एससी, एसटी,ओबीसी और सामान्य श्रेणी की सीटें प्रभावित नहीं हों.

उन्होनें यह भी कहा कि “लगभग 25 प्रतिशत सीटें यह सुनिश्चित करने के लिए जोड़ी जाएंगी कि यह आरक्षण एससी, एसटी और अन्य श्रेणियों के लिए मौजूदा कोटा को बाधित न करे. मंत्री ने कहा कि देश भर में लगभग 40,000 कॉलेज और 900 विश्वविद्यालय और उन सबों में कोटा प्रदान किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि आरक्षण को लागू करने का निर्णय एक बैठक में लिया गया था, जिसमें उनके मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था.

 

सीटों की संख्या कितनी बढ़ेगी?

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, फिलहाल, सभी सरकारी स्वामित्व वाली संस्थानों में 9.28 लाख सीटें हैं जिनमें IIT, NIT और IIM शामिल हैं, केंद्रीय विश्वविद्यालय, केंद्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, कॉलेज और सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त डीम्ड विश्वविद्यालय हैं.

यह पूछे जाने पर कि कॉलेजों में सीटों की संख्या कितनी बढ़ाई जाएगी, मंत्री ने कहा कि उस पर काम किया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर सरकार उन सीटों की सटीक संख्या की योजना के साथ सामने आएगी जिन्हें संस्थानों में जोड़ा जाएगा.

“कोटा को कैसे लागू किया जाए इसके बारे में ऑपरेशन मैनुअल जल्द ही जारी किया जाएगा.”

उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से उनके प्रोस्पेक्टस में आरक्षित सीटों (कोटा) की संख्या का उल्लेख करने के लिए कहा जाएगा और सरकार उनसे तदनुसार ढांचागत व्यवस्था करने के लिए भी कहेगी.

 

निजी संस्थान में आरक्षण

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, निजी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन के 12 साल बाद भाजपा सरकार ने जो 10% कोटा लागू किया है.

हालांकि निजी संस्थानों को आरक्षण प्रदान करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन देश में कई निजी संस्थानों को फिलहाल आरक्षण दिया जाता है. निजी विश्वविद्यालयों में 10% कोटा के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय भी कोटा लागू करने के लिए तैयार हैं.

 

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