ख़बरें

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना: केंद्र सरकार ने विज्ञापन पर कुल 364 करोड़ रुपये खर्च किए

तर्कसंगत

January 23, 2019

SHARES

केंद्र सरकार ने 2014 के बाद से “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना” के लिए आवंटित कुल 648 करोड़ रुपये की राशि में से लगभग 364.66 करोड़ रुपये केवल विज्ञापन पर खर्च किये हैं. इस बात पर विपक्ष जहाँ केंद्र सरकार को आड़े हाथ ले रहा है, सवाल यह है कि जितनी राशि आवंटित हुई थी उससे ज़मीनी स्तर पर कितना बदलाव आया है?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है, जो चाइल्ड सेक्स रेश्यो में सुधार लाने पर केंद्रित है. हरयाणा के पानीपत में जनवरी 2015 को इस योजना की शुरुआत हुई थी. महिला और बाल विकास राज्य मंत्री वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि यह योजना देश भर में जागरूकता बढ़ाने और और क्षेत्र में इससे जुड़े काम को बढ़ाने के लिए किया गया था.

 

पहले पांच सालों में खर्च किये गए राशि का ब्यौरा

 

 

2018-2019 के लिए, सरकार ने अभियान के विज्ञापन के पीछे सबसे अधिक राशि खर्च की. आवंटित राशि 280 करोड़ रुपये में से 155.71 करोड़ रुपये खर्च किए और राज्यों और जिलों को 70.63 करोड़ रुपये राज्यों और जिलों को दिए गए. केंद्र सरकार 53.66 करोड़ रुपये का उपयोग करने में असमर्थ रही,जो पूरी राशि का लगभग 19% है.

वर्ष 2017-2018 के लिए, वीरेंद्र कुमार द्वारा साझा किए गए आंकड़े अधिक चौंकाने वाले थे क्योंकि केंद्र सरकार ने उस वर्ष आवंटित कुल फंड का  68% से अधिक प्रचार में खर्च किया, इसने मीडिया गतिविधियों पर 135.71 करोड़ रुपये खर्च किए और योजना के असल कार्य पर सरकार ने केवल 33.2 करोड़ रुपये खर्च किए.

वित्तीय वर्ष 2016-2017 के दौरान, काफी कम राशि खर्च की गयी. उस वर्ष केंद्र सरकार ने 43 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसमें से महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 29 करोड़ रुपये मीडिया गतिविधियों के लिए खर्च किया गया.

वित्तीय वर्ष 2015-2016 और 2014-2015 के लिए, कुल फंड में 75 करोड़ रुपये और रु 50 करोड़ आवंटित हुए , मोदी सरकार ने प्रचार संबंधी गतिविधियों के लिए क्रमशः 24.54 करोड़ रुपये और 18.91 करोड़ रुपये खर्च किए.

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...