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पुणे के फॉर्मर पायलट प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छता अभियान’ से काफी प्रभवित हुए हैं, पूरे पुणे को स्वच्छता अभियान से जोड़ रहे हैं

तर्कसंगत

January 25, 2019

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जब 2 अक्टूबर 2014 को माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के बारे में देश को जागृत किया, तब पुणे के पुनीत शर्मा को पता था कि इस तरह की पहल की सफलता सभी नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करेगी और इसलिए उन्होंने अपन तरफ से योगदान करने का फैसला किया. 9 अक्टूबर, 2014 की सुबह में, उन्होंने फेसबुक स्टेटस डालकर अपने दोस्तों से उनके इस कोशिश में शामिल होने की गुज़ारिश की.

विंग कमांडर पुनीत शर्मा एक अनुभवी पायलट हैं जो 14 जून 1989 को एयरफोर्स में कमीशन हुए थे. वे एक पूर्व फाइटर पायलट हैं, उन्हें फाइटर प्लेन के साथ-साथ कमर्शियल एयरक्रॉफ्ट उड़ाने का 9,000 घंटे के अनुभव है. वर्तमान में, वह बोइंग 737 एनजी पर कप्तान के रूप में स्पाइसजेट के लिए उड़ान भरते हैं.

 

मिशन की शुरुआत

स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य 2014 और 2019 के बीच शहरी और गाँव दोनों क्षेत्रों में देश साफ़ सुथरा बनाना है. पुनीत और उनकी टीम ने 12 अक्टूबर 2014 को पुणे रेलवे स्टेशन पर अपना पहला सफाई अभियान आयोजित किया.

“मुझे पता था कि पुणे स्टेशन जैसी जगह से हम ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को प्रभावित कर पाएंगे. हमने माना कि दूसरे लोगों को अपना कूड़ा साफ करते देख, यात्री सोचने पर मजबूर होंगे कि उन्हें कूड़ा नहीं फैलना चाहिए” पुनीत ने तर्कसंगत से बातचीत में कहा.

 

 

 

19 अक्टूबर 2014 को, उन्होनें फेसबुक से इस पहल को आगे बढ़ाना शुरू किया उन्होंने, फोटो के माध्यम से सफाई के पहले और बाद की तस्वीर दिखा कर लोगों को जोड़ना शुरू किया. उन्होनें देखा कि लोग अपनी गलती सुधारने लगे हैं, हर रविवार को वह ठेले वाले और फेरीवालों को सफाई के बारे में जागरूक करते. उन्होंने सभी प्रमुख स्टेशनों और बस स्टॉप का दौरा किया और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की.

 

लगातार उपलब्धियां

उन्होंने कहा, “युवाओं को अधिक आकर्षित करने के लिए, हमने इस प्रयास को मनोरंजक बनाने का प्रयास किया. सिंहगढ़ सफाई एक ऐसा मौका था जो रोमांच, एक्शन और मनोरंजन से भरा था. इससे हमें बहुत सारे युवाओं को अपने साथ जोड़ने में मदद मिली ” उन्होंने कहा.

फेसबुक पर पुनीत के पेज ने भी लोगों को प्रभावित करना शुरू किया है और कई कंपनियां कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिल्टी (सीएसआर) के अंतर्गत उनका सपोर्ट कर रहे हैं. पुणे नगर निगम (पीएमसी) से कॉर्पोरेट समर्थन और अनुमति के साथ, उन्होंने थूके हुए गंदे दीवारों को साफ करने और सजाने का प्लान बनाया है.

 

 

“तीसरे महीने तक, हम ऐसी कई आर्गेनाईजेशन के कांटेक्ट में आये जो इसी तर्ज़ पर काम कर रहे थे, एक लक्ष्य होने के कारण इस काम के लिए हम एक दूसरे की मदद भी करते रहे और कुछ मेगा प्रोजेक्ट्स को मिल कर अंजाम तक पहुँचाया. उनमें से एक, मगरपट्टा फ्लाईओवर के खंभे और डेक्कन बस स्टॉप को साफ़ करना था जो हमने दूसरे आर्गेनाइजेशन के साथ मिल कर हासिल किया” उन्होंने कहा.

वे पहाड़, पार्क, और नालों की सफाई करते रहे और फेसबुक पर अपने फॉलोवर्स से तारीफ बटरटे रहे साथ ही उनकी इस काम को देख कर मॉनिंग वाक पर जाने वाले लोग भी उनसे जुड़ने लगे. सफाई के वक़्त उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा प्लास्टिक कचड़ा ही मिलता था, जिसे उन्होंने पॉली फ्यूल में बदलने के लिए रूद्र एनवायर्नमेंटल सोल्यूशन को देना शुरू किया.

“अब तक का इसका रिजल्ट काफी मोटिवेटिंग रहा है. इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए हमने स्वच्छ संदेश को पीएमसी-द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों में ले जाने का फैसला किया. आईडिया छोटे बच्चों को सफाई के फायदे बताना और उन्हें शामिल करने का था. टेम्प्लेट की पेंटिंग से हमने उन्हें अपने रिच कल्चर के बारे में बताया और साथ ही स्कूल को भी सुन्दर और रंगीन बनाया. उनके प्रेयर एरिया को फ्रीडम फाइटर की पेंटिंग्स से सजाय गया, प्लेग्राउंड एरिया को हमने सफाई और स्वछता पर ध्यान देने वाले टेम्पलेट से सजाया. फ्लैश मॉब और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से इस कोशिश में तेज़ी लाने की प्लानिंग कर रहे हैं.”

 

 

“सभी के द्वारा निस्वार्थ सेवा”

ग्रुप ने शहर भर में मेगा इवेंट ऑर्गनाइज़ करने के लिए कई एनजीओ और सोशल ग्रुप के साथ मिलकर शहर भर में सफाई अभियान चलाया. 13 अगस्त, 2017 को, ‘पुणेरी अभिमान स्वच्छ पुणे निर्माण’ एक ऐसा ही आयोजन था, जहां लगभग 20 एनजीओ और सोशल ग्रुप्स ने शहर भर में 70 इवेंट्स करने के टारगेट को पूरा किया. उन्होंने इस मेगा ड्राइव में भाग लेने वाले 1,500 से अधिक वालंटियर्स के साथ पीएमसी और पीसीएमसी सीमा के लगभग 80 प्रोग्राम्स ऑर्गनाइज़ किया. इस ड्राइव के दौरान, उन्होंने सात फ्लाईओवरों और कई पीएमसी-संचालित स्कूलों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ स्पॉट फिक्स और सफाई अभियान भी शुरू किए.

“एक और अनोखे पहल में हमने पुणे शहर के लगभग 7,000 स्वच्छ वर्कर्स को सम्मानित करने का फैसला किया, जो हमें स्वच्छ और रोग मुक्त वातावरण देते हैं. यह 2 अक्टूबर, 2017 को स्वच्छ भारत अभियान की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर किया गया था.”

हाल ही में, उनके ग्रुप ने बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक ड्राइव स्टार्ट किया है, जहां वे स्टेट ट्रांसपोर्ट की ओर से यात्रियों का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा, “हम रूट डिटेल्स को कवर करते हैं और यात्रियों के समर्थन और स्वच्छ भारत अभियान में उनके योगदान की मांग करते हैं, ताकि वे बस में कूड़ा न फैलाएं और खिड़कियों से बाहर कुछ भी न फेंकें.”

इसके अलावा, टीम ने पुणे मेगा कैनवस बनाया, जिसमें उन्होंने नए हवाई अड्डे की सड़क पर लगभग दो किमी लंबी दीवार का सौंदर्यीकरण किया. सोशल मैसेज देने वाले 300 पैनलों को चित्रित करने में उन्हें पाँच महीने लगे. इन ड्राइव के साथ, वे स्वच्छ पुणे स्वच्छ भारत के संदेश को ज़्यादा लोगों के बीच फैलाने में कामयाब रहे.

 

 

“एक सेल्फलेस सोच के कारण से हमें ज़्यादा सफलता मिली है, साथ ही दृढ़ता और धैर्य हमेशा अच्छे परिणाम देती है. टीम का हर मेम्बर बाकी के लिए एक रोल मॉडल है, और हमारे विचारों में स्पष्टता और उद्देश्य की ईमानदारी ने हमें हर जगह से समर्थन मिला. स्पॉट फिक्स सहित अधिकांश अवसरों पर एक्टिव पब्लिक पार्टिसिपेशन हमारे लिए काफी कारगर साबित हुई है. पीएमसी वार्ड अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ कई स्पॉट फिक्स हासिल किए गए, और सीएसआर पहल के साथ सहयोग से रिसोर्स की कमी को पूरा करने में मदद मिली.”

“सभी परेशानी से निपटने के लिए सरकार की आवश्यकता नहीं है. अपने घर में आग लगने की एक उदाहरण ले लो. मुझे यकीन है कि कोई भी सरकार के आने और आग बुझाने के लिए इंतजार नहीं करेगा. उसी तरह, मैं चाहता हूं कि हम सभी अपने आस-पास दिखाई देने वाली गंदगी साफ़ करना शुरू कर दें. स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए, ‘हम’ महत्वपूर्ण हैं. लेकिन इसे ’I’ से शुरू करना होगा. मैं अपने सपनों का भारत बनाऊंगा. यह मेरे जीवनकाल में हो सकता है या नहीं भी हो सकता है, लेकिन जो पेड़ हमें सड़क किनारे छाया देते हैं, वे अज्ञात अच्छे नागरिक लोगों द्वारा लगाए गए थे. इसी तरह, अब हमारा काम हमारे पोते-पोतियों के लिए एक बेहतर भारत और बेहतर दुनिया का निर्माण करेगा.”

हम अपने आसपास प्रदूषण की शिकायत करते रहते हैं, लेकिन हममें से कितने लोगों ने वास्तव में अपना काम किया है? पुनीत ने शिकायत करने के बजाय एक बदलाव लाने का काम किया है और तर्कसंगत उन्हें और उनकी टीम को उनके ईमानदार प्रयास के लिए सलाम करता है.

अगर आप खुद या आपके आस पास भी कोई ‘सोशल हीरो’ हैं तो हमें तर्कसंगत के फेसबुक मैसेंजर पर लिख भेजिए.

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