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कम आमदनी के बावजूद भी 80 बच्चों को पढ़ाने वाले, कटक के देवरपल्ली प्रकाश राव को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा

तर्कसंगत

Image Credits: ANI

January 29, 2019

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भारत के राष्ट्रपति द्वारा देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित होने वाले 94 लोगों की सूची में ओडिशा के एक चाय विक्रेता का नाम भी है. कटक बख्शी बाजार में एक चाय की दुकान चलाने वाले देवरपल्ली प्रकाश राव को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, उन्होंने इंडिया टुडे को 25 जनवरी, 2019 को इसकी जानकारी दी.

59 वर्षीय पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने का कारण यह है कि गरीब पृष्ठभूमि से होने के बावजूद उन्होंने 80 बच्चों को पढ़ाया. उनकी एकमात्र आमदनी चाय बनाने से होती है. वह पिछले 50 सालों से चाय बेच रहे हैं. उनकी कम आमदनी भी उन्हें गरीब बच्चों को शिक्षा देने से नहीं रोक सकी.

 

शुरुआती जीवन

शिक्षा के प्रति उनका प्रेम अपने ही अतीत से जुड़ा है. उनकी पढ़ने और लिखने में रुचि थी. हालाँकि, उन्हें अपने पिता के चाय बेचने के काम में शामिल होना पड़ा, कक्षा 10 पास करने से पहले ही उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा. उनके पिता के बीमार होने के बाद, वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति रह गए. 2000 में, उन्होंने आखिरकार अपने सपने को साकार करने का फैसला किया. उन्होंने एक छोटा स्कूल ‘आशा ओ आश्वासन’ खोला और झुग्गी झोपड़ी के माता-पिता से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा. उनका स्कूल कक्षा तीन तक है और उसके बाद वो उन बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने का प्रयास करते हैं.

पहले वह अकेले ही स्कूल चलाते थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उसके नेक काम के बारे में पता चला, उनकी मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आए. राव पिछले 40 वर्षों से अन्य रोगियों की मदद के लिए रक्तदान भी कर रहे हैं.

 

सबसे बड़ी उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, को 2018 में अपनी कटक यात्रा के दौरान, राव की पहल के बारे में मालूम पड़ा, उनका नाम प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ के दौरान भी उल्लेख किया गया था. राव के अनुसार, इस दिन तक की उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि समाज में उनके योगदान को पीएम ने मान्यता दी.

 

तर्कसंगत का तर्क

तर्कसंगत समाज में अच्छाई लाने के लिए देवरपल्ली प्रकाश राव को सलाम करता है और शिक्षा के प्रति उनके अटूट प्रेम ने कई बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने में मदद की है. हमें उम्मीद है कि वह अपने नेक काम को जारी रखेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे. हम ऐसे लोगों को पुरस्कृत करने के लिए सरकार की भी सराहना करते हैं.

 

 

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