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मुंबई की अनमोल रोड्रिगेज – कभी एक एसिड अटैक का शिकार हुयी थीं आज एक फैशन आइकन हैं

तर्कसंगत

February 12, 2019

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मुंबई की 23 वर्षीय अनमोल रोड्रिग्ज जब केवल 2 महीने की थीं उनके पिता ने उनकी मां को तेजाब पिला दिया था. अनमोल उस समय अपनी माँ की गोद में थीं और उस कोमल सी उम्र में एक एसिड अटैक सर्वाइवर बन चुकी थीं.

“मैं ये आज तक नहीं जान पायी कि मेरे पिता को ऐसा घिनौना अपराध करने के लिए किसने प्रेरित किया था।” अनमोल ने तर्कसंगत के साथ बातचीत में कहा कि ऐसे समय में जब मेरे परिवार को एक बच्ची के जन्म का जश्न मनाना चाहिए था मेरी मां ने दम तोड़ दिया था. मैंने सुना है मेरे पिता जेल में हैं लेकिन हकीकत मुझे भी नहीं पता है.

 

अस्पताल और अनाथालय

अनमोल के बचपन का लंबा समय एक अस्पताल में बीता. अपने जीवन के पहले पाँच सालो के लिए मुंबई का एक अस्पताल ही उसका घर बन गया था. अनमोल के ज़ख्म इतनी गंभीर थे कि उसे ठीक करने के लिए बहुत सारे उपचारों की आवश्यकता थी.

“अस्पताल में बड़े होना मेरे लिए बिल्कुल भी बुरा अनुभव नहीं रहा. आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में लोग आते हैं, अपने खेल खेलते हैं और चले जाते हैं. अपने जीवन के इन पाँच वर्षों के दौरान अस्पताल में नर्सों और डॉक्टरों ने मेरा पूरा ख्याल रखा जैसे कि मैं उनकी ही बच्ची हूँ. मेरा कोई रिश्तेदार नहीं था जो मेरी जिम्मेदारी लेने को तैयार होता, इसलिए नर्सों और डॉक्टरों ने मेरे माता-पिता की भूमिका निभाई. अनमोल ने बताया कि उन्होंने कभी मेरे साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जैसे मैं केवल एक मरीज थीं.

जब अनमोल पाँच साल की थी तब अस्पताल ने उसे मुंबई के एक अनाथालय को सौंप दिया. बड़े होकर उसने एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने का सपना देखा और मुंबई की SNDT University से Bachelore of Computer Application की पढ़ाई करने चली गई.

 

अनमोल का जीवन

“मैं तेज दिमाग वाली थीं और आसानी से चीजें सीख लेती थीं. महत्वाकांक्षी होने के कारण मैंने पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी हासिल कर ली थी. लेकिन कुछ ही दिनों में मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी क्यूंकि वे हर दिन एक कुरुपित चेहरा नहीं देख सकते थे. इस घटना के बाद फिर मुझे कहीं नौकरी नहीं मिली. मैं जहां भी गयी मुझे अस्वीकार कर दिया गया. हालांकि मुझे सीधे कभी नहीं बताया कि मुझे क्यों अस्वीकार किया है लेकिन स्पष्ट था कि यह मेरे चेहरे के कारण था.” अनमोल ने बताया.

 

 

इसके बाबजूद भी अनमोल ने उम्मीद नहीं खोई. जब से वह छोटी थी उसका फैशन के प्रति झुकाव था और अपने इस झुकाव को उन्होंने अपना शौक बनाने का फैसला किया.

“फैशन में मुझे हमेशा से दिलचस्पी थी. मुझे हमेशा स्टाइलिश आउटफिट पहनना और अच्छा दिखना पसंद था. मैंने अपनी फोटों को इंस्टाग्राम पर लगाया और सौभाग्य से कुछ फोटोग्राफरों ने मुझे देखा. उन्होंने मुझसे मुलाकात की और मुझे तेजस गेडेकर, भाविनी दमानी जैसे फोटोग्राफरों के साथ काम करने का मौका मिला. मैंने Kotak  Mahindra के एक कार्यक्रम में रणवीर सिंह के साथ बातचीत भी की“ अनमोल ने बताया.

उसके बाद जैसे अनमोल रुकी ही नहीं. उन्होंने तूफान की तरह फैशन और सोशल मीडिया पर अपनी एक छाप छोड़ दी. एसिड अटैक से बचने वाली लड़कियों की मदद करने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के इरादे से अनमोल ने Acid Survivors Saahas Foundation नामक एक NGO की भी शुरुआत की.

“हालांकि, मैं अब NGO का हिस्सा नहीं हूं क्योंकि यह अब उस उद्देश्य से नहीं चलती है जब मैं इसका हिस्सा बनी थीं. हालांकि मैंने अभी तक आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन मैं उनके साथ अब काम नहीं करती हूं.” अनमोल ने बताया. अनमोल अब एक अभिनेता भी हैं और शबाना आज़मी के साथ ‘मौसी जी’ नामक एक छोटी फिल्म में अभिनय किया है.

 

 

अनमोल का एसिड अटैक पीड़ितों को संदेश

अनमोल शिक्षित थी, अच्छी तरह से योग्य भी थी और फिर भी अपने चेहरे के कारण नौकरी हासिल करने में असफल रही.  “ऐसा क्यों होता है? मेरा चेहरा मेरी पहचान नहीं बताता है. मुझे उम्मीद है कि आने वाले कल में लोग अपनी सोच बदलेंगे. मुझे कोई विशेष अधिकार नहीं चाहिए लेकिन मुझे उम्मीद है कि लोग एसिड अटैक पीड़ितों के प्रति सम्मानपूर्वक व्यवहार करेंगे. जब मेरे पास पढ़ाई करने और दूसरों की तरह योग्य होने की क्षमता है तो मुझे नौकरी पाने का भी अधिकार है. हालांकि मैं अब एक मॉडल हूं और अपने जीवन का पहले से अधिक आनंद ले रही हूं” अनमोल ने अपनी बात रखते हुए कहा.

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