मेरी कहानी

मेरी कहानी : मेरे घर में सब यही मानते थे कि केवल खूबसूरत लड़कियां एयर होस्टेस बन सकती हैं

तर्कसंगत

February 13, 2019

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मैं एक जाट परिवार से आती हूँ, जिसका मानना था कि अमेरिका में किसी लड़के से शादी करके अपना परिवार सेटल करना ही जीवन का सबसे बड़ा अचीवमेंट है. दरअसल मेरा रंग सांवला था, मेरे परिवार में मेरी हैसियत एक बदसूरत लड़की की थी, जिसको हमेशा समझाया जाता था कि अपनी रंगत का ध्यान रखो, वरना तुमसे शादी कौन करेगा? मेरी सारी बहने मुझसे ज़्यादा सुन्दर और गोरी थीं.


जब में 18 साल की हुई तब मेरे पापा चाहते थे कि मैं कनाडा में रहने वाले पापा के दोस्त के बेटे से शादी कर लूँ , पर में पढ़ना चाहती थी, इस पर पापा का कहना था कि में शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई कर सकती हूँ. मैं इस बात पर घर से बाहर निकल गयी और उस रात अपनी एक दोस्त के घर पर रही. अगले दिन मेरे और पापा के बीच काफी कहा सुनी हुई. मैंने पापा को कहा अगर आप मुझे विदेश भेजना चाहते हैं तो मैं अपने दम पर विदेश जाना चाहती हूँ, किसी की पत्नी बनकर नहीं. 

पढ़ाई के बाद मैंने गुड़गाव में नौकरी कर ली, पर में पढ़ना चाहती थी, एयर होस्टेस बनकर दुनिया घूमना चाहती थी, वो सब जगह देखना चाहती थी जो केवल फोटो या नक्शों में देखी थी, मैं देखना चाहती थी कि वहां का जीवन कैसा है, लेकिन फिर मैं अपने इस सपने के उड़ान को पूरा होते नहीं देखती थी क्यूंकि मुझे लगता था कि केवल सुन्दर लड़कियां ही एयर होस्टेस बन सकती हैं.


परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मैंने अपनी पहली नौकरी की क्यूंकि मुझे अपने आप को साबित करना था. तभी अचानक मेरी मां का फोन आया कि उन्होनें मेरे लिए एयर होस्टेस का फार्म भरा था, तब मुझे याद आया कि हां कॉलेज से मैं काफी सारे फॉर्म और ब्रॉशर्स ले कर आया करती थी.


मुझे लगा मुझे एयर होस्टेस कौन बनाएगा ? बिना मां को बताए मैंने इंटरव्यू दिया, और सब कुछ चौपट ही कर आयी थी, मैंने बिना किसी झिझक के जर्मनी की राजधानी फ्रैंकफर्ट बोल दिया था. कुछ वक़्त बाद पापा का फोन आया कि कोई ऑफर लेटर आया है,  मैं कभी प्लेन पर नहीं चढ़ी थी और जब चढ़ी तो खुद को जहाज के क्रू मेंबर के बीच पाया.


मेरे रिश्तेदार हैरान थे कि इसको किसने एयर होस्टेस बना दिया? लेकिन जब में जर्मनी के लिए रवाना हुई तब अपने सांवले रंग के प्रति मेरी सोच और नजरिया बदल गया, जब जॉब के दौरान एक यात्री ने मुझसे मुझसे पूछा कि मेरे बेटे से शादी करोगी?


अब मुझे अपनी काली त्वचा पर भरोसा था. लेकिन सबसे अच्छा तब हुआ जब कुछ समय बाद जब मैं अपने पापा को लेकर अमेरिका कि यात्रा पर गई, तब पैकिंग के दौरान पापा की आंखो में आंसू थे, पापा ने मां को बताया कि इसने मुझसे वादा किया था कि अपने मुकाम अपने दम पर ही बनाएगी, और आज ये मुझे दुनिया दिखा रही है. आज मुझे लगा ये दुनिया मेरी है जो कुछ भी मेरी सुन्दरता, मेरे रंग के बारे में कहा गया था उसके कोई मायने नहीं थे.

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