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व्हील्स ऑफ़ जॉय: एक NGO जिसने कोलकाता के रेड लाइट एरिया के बच्चों के लिए शुरू की एक मोबाइल लाइब्रेरी

तर्कसंगत

February 19, 2019

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21 जनवरी को, कोलकाता के रेडलाइट एरिया बी. के. पाल पार्क में एक मिनीवैन को देखते ही छोटे-छोटे चेहरे खुशी से खिल उठे. यह कोई साधारण मिनीवैन नहीं थी क्योंकि ये चार पहियों वाली रंगबिरंगी गाड़ी थी जो बच्चों की किताब से भरी हुई है और भविष्य की सुनहरी उम्मीदों के दरवाजे खोल रही है.

 

NGO ने शुरू की मोबाइल लाइब्रेरी

यह निश्चित रूप से उन बच्चों के लिए एक अनूठा अनुभव था जिनके लिए स्टोरीबुक अपने हाथ लेना एक सपना ही था. इस मोबाइल लाइब्रेरी की शुरुआत एक NGO, Apne Aap Women World, जो भारत में सेक्स-ट्रैफिकिंग को खत्म करने की दिशा में काम करती है, Apne Aap Women World ने Apeejay Anand Children’s Library और Coal India के साथ मिलकर एपीजे कोलकाता साहित्यिक समारोह में 20 जनवरी को इस वैन का उद्घाटन किया. इस वैन को एपीजे सुरेंद्र ग्रुप की निदेशक प्रीति पॉल ने लांच किया है जिन्होंने खुद भी 500 किताबें दान दी हैं.

 

 

तर्कसंगत से बात करते हुए, संगठन की संस्थापक रुचिरा गुप्ता ने बताया कि यह मोबाइल लाइब्रेरी केवल सेक्स वर्कर्स के बच्चों के जीवन में कुछ अधिक मूल्य जोड़ने का एक प्रयास है जिनके पास मनोरंजन के ज्यादा रास्ते नहीं हैं. बच्चे यहाँ से एक सप्ताह के लिए किताबें ले सकते हैं और फिर उसे वापस कर सकते हैं. यह अभ्यास बच्चों के बीच एक नैतिक जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करेगा.

यह वैन सप्ताह में तीन बार सोनागाछी और किडरपोर के रेड लाइट जगहों पर जाती है. इसका आयोजन कहानीकारों और स्वयंसेवकों के द्वारा किया जाता है. रुचिरा ने बताया “कहानी सुनाने वाले कार्यक्रम में बहुत सारे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया है. हमारे सहयोग में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संगठन को पूरी तरह सहायता की है, प्रशासन ने हमें पूरी छूट दी है कि हम कहीं भी वैन लगा सकते है.”

 

एक नया आंदोलन बन रहा है

 

 

हालंकि मिनीवैन के पास अनेक शैलियों और तरीकों की कई किताबें हैं फिर भी अगर लोग और किताबें देना चाहते हैं तो कोलकाता एसी मॉल में दे सकते हैं.

रुचिरा गुप्ता मानती हैं कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा साधन है जिससे आज सेक्स वर्कर्स के बच्चों को वेश्यावृत्ति के चक्र से बचाया जा सकता है. कोलकाता में इस तरह की पहल शुरू करने वाली वह पहली महिला हैं. संगठन ने सेक्स वर्कर्स के बहुत बच्चों को पढ़ाया है जो यौन शोषण के शिकार हो सकते थे. संगठन के पास बच्चों के लिए कई नयीं पहलें हैं जो उन्हें बहुत कुछ नया सीखने और अधिक अनुभव दिलाने का उद्देशय रखती हैं. इसमें से एक है Books 4 Freedom-जिसमें बच्चों को मुफ्त ज्ञान दिया जायेगा.

रुचिरा ने बताया कि यह एक जबरदस्त आंदोलन की शुरुआत है. तर्कसंगत इस तरह की पहल शुरू करने के लिए संगठन की सराहना करता है.

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