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कश्मीरियों ने इस संकट की घड़ी में सुरक्षा, आश्रय और भोजन देने के लिए सिख समुदाय को धन्यवाद दिया

तर्कसंगत

February 21, 2019

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देश के विभिन्न हिस्सों से आए कश्मीरियों ने सिख व्यक्तियों और गैर-सरकारी संगठनों का आभार व्यक्त किया जो आगे आए हैं और उन्हें संकट की इस घड़ी में सुरक्षा और आश्रय प्रदान किया है. उनके किसी भी काम को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है, ‘खालसा एड इंटरनेशनल’ नामक एक गैर सरकारी संगठन और ‘नानक नाम लेवा’ की जितनी तरफ की जाए कम है. पुलवामा हमले के तुरंत बाद, जिसमें 14 फरवरी, 2019 को 44 से अधिक सीआरपीएफ जवानों की जान चली गयी, देश भर के कश्मीरियों ने गुस्से में कड़ी आलोचना का सामना किया, जिन्होंने कश्मीरियों पर अपना गुस्सा निकालने की कोशिश की थी. कश्मीरियों के उत्पीड़न की खबरें देश की सभी जगहों से सामने आईं. न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, खासकर उत्तराखंड में हालत और खराब हो गई जब बजरंग दल और विहिप के सदस्यों ने देहरादून कॉलेज के छात्रों पर हमला किया.

 

छात्रों को सुरक्षा की दृष्टि से मोहाली ले जाया गया

फर्स्टपोस्ट के अनुसार गुरु नानक लेवा के सदस्यों द्वारा मोहाली के एक गुरुद्वारे में डरे हुए कश्मीरी छात्रों का स्वागत किया गया. इन छात्रों को न केवल रहने की अनुमति दी गई बल्कि उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया गया. देहरादून में डर के मारे एक छात्र इश्फाक कुरैशी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर छात्र संगठन (JKSO) ने कश्मीरी छात्र को तुरंत देहरादून छोड़ने के लिए कहा था. कुरैशी ने आगे कहा कि सभी 700 कश्मीरी छात्रों ने मोहाली में शरण ली. मोहाली में, नानक नाम लेवा सदस्य उनके बचाव में आए और उन्हें मोहाली के लोकप्रिय 3B2 और सोहाना गुरुद्वारों में आश्रय प्रदान किया. गुरु नानक नाम लेवा के एक सदस्य अमरिंदर सिंह ने कहा कि जब ये छात्र मोहाली पहुंचे, तो वे सभी सदमे की स्थिति में थे और हम उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यमुनानगर से कई लोग उन्हें बचाने के लिए उनके पास पहुंचे और उन्होंने पोंटा साहिब गुरुद्वारे तक पहुंचने के लिए कहा, जहां से खालसा सहायता बसें उन्हें मोहाली पहुंचने में मदद करेंगी.

 

खालसा एड इंटरनेशनल के लिए विशेष प्रशंसा

20 फरवरी को, द ट्रिब्यून ने बताया कि खालसा सहायता ने 300 कश्मीरी छात्रों को जम्मू पहुंचने में सुरक्षित रूप से मदद की थी. इन कश्मीरी छात्रों को खालसा एड ने बस द्वारा घर वापस भेज दिया था.

 

Posted by Khalsa Aid International on Monday, 18 February 2019

 

 

खालसा एड ने यह भी बताया कि बुधवार को भी, 30 कश्मीरी छात्रों ने हरयाणा, देहरादून, अंबाला और रायपुर से आश्रय मांगा. खालसा एड के संस्थापक और सीईओ रविंदर सिंह के लिए ट्विटर पर प्रशंसा के ट्वीट्स देखे गए. जल्द ही, खालसा एड इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक अमरप्रीत सिंह को पता चला कि जम्मू और कश्मीर छात्र संगठन कश्मीरी छात्रों को मोहाली पहुँचने में मदद कर रहे हैं, खालसा ऐड ने जम्मू और कश्मीर छात्र संगठन से संपर्क किया और उन्हें परिवहन, भोजन, और आवास में मदद की. छात्रों को खुश देखा गया और उन्होंने खालसा सहायता के लिए आभार व्यक्त किया. साकिब नाम के एक छात्र, जो अकेले पड़ गए थे उन्हें उनके घर वापस ले जाया गया, उन्होनें कहा कि उन्हें अपने ही देश में एक एलियन जैसा महसूस हुआ. हालाँकि, सिखों ने उन्हें फिर से महसूस कराया कि भारत उनका देश है.

 

 

कश्मीरी भी सिखों का शुक्रिया करते नहीं थक रहे

ग्रेटर कश्मीर के कार्टूनिस्ट सुहैल नक़बबंदी का एक कार्टून इंटरनेट पर चार चांद लगा रहा है. एक डूबते हुए कश्मीरी की मदद करने वाले सिख को चित्रित करने वाले कार्टून को कई लोगों द्वारा पसंद किया गया है और कुछ सार्वजनिक हस्तियों द्वारा साझा किया गया है, उदाहरण के लिए, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने कार्टून को अपने ट्विटर प्रोफाइल पर साझा किया और कश्मीरियों की मदद के लिए धन्यवाद दिया.

 

 

इनके अलावा, कुछ कश्मीरियों ने भी ट्वीट किया कि पंजाब के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के बाहर स्थानीय सिखों के समूहों ने सतर्कता से पहरा दिया ताकि उग्र भीड़ प्रवेश न कर सके.

 

 

दूसरी तरफ, सिख समुदाय के सम्मान में, गुलमर्ग में बर्फ बाइक सवारों ने सिख पर्यटकों को छूट प्रदान करने का फैसला किया है. सवार संघ के सदस्यों में से एक ने कहा कि हम बहुत कुछ नहीं कर सकते हैं, इसलिए हमने सिख पर्यटकों को रियायती सवारी प्रदान करने का फैसला किया है. उन्होंने यह भी कहा कि सिख पर्यटकों को अब पेट्रोल की लागत को कवर करने के लिए 1000 रुपये के बजाय 400 रुपये का भुगतान करना होगा.

तर्कसंगत का सिख समुदाय को सलाम

तर्कसंगत  सिख समुदाय को उन कश्मीरियों की मदद करने के लिए सलाम करता है, जो पिछले कुछ दिनों में अपने जान की सुरक्षा को ले कर डरे हुहे थे. उन्होंने एक उदाहरण दिया है कि मानवता किसी भी धर्म से ऊपर आती है. हम अपने पाठकों से अनुरोध करते हैं कि वे उन कश्मीरियों की सहायता करें जिन्हें मदद की आवश्यकता है.

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