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“अपनी रोटी” एक चलने वाली वैन जो कोलकाता में खुशियां बाँट रहे हैं.

तर्कसंगत

March 7, 2019

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एक अच्छा खाने जैसा कुछ भी नहीं है. सौभाग्य से बहुत से लोगों को अपने काम के बाद गर्म रोटियां खाने मिलती हैं पर वास्तविकता और सच्चाई हमें बताती है कि हर कोई इतना सौभाग्यशाली नहीं है कि वह उसका आनंद ले सके. भूख की समस्या दुनिया और विशेष रूप से भारत को परेशान कर रही है. लोग जरूरतमंदों को खिलाने के लिए नये नये विचार और कार्यक्रम पेश कर रहे हैं लेकिन कोलकाता की एक एनजीओ जरूरतमंद लोगों को घी और अचार के साथ गर्म रोटियां परोस कर अपना काम कर रही है.

 

अपनी रोटी की पहल

विकास अग्रवाल ने ”अपनी रोटी ” नामक एक पहल की शुरुआत की है जो एक चलती-फिरती वैन है. यह पश्चिम बंगाल के स्थानीय इलाकों में जाकर लोगो को खाना देकर उनकी मदद करती है. विकास और उनकी टीम एक दिन में लगभग 7000 रोटियां परोसते हैं और 2000 लोगों को मुफ्त में खाना खिलाते हैं. इस वैन में एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन है जो एक घंटे में 1000 रोटियां बनाती है जिससे एनजीओ एक बार में ज्यादा लोगों को खाना खिला पाती है.

तर्कसंगत से बात करते हुये विकास ने बताया “यह पहल 1 जनवरी 2019 से शुरू हुई है जिसका उद्देश्य गरीबों को ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक खाना खिलाना है. ऐसे भी एनजीओ हैं जो जरूरतमंदों लोगो को होटलों का बचा हुआ खाना देकर उनकी मदद करते हैं लेकिन इसकी तुलना कभी भी ताजा और गर्म भोजन से नहीं की जा सकती. रोटियों के साथ यह एनजीओ घी, अचार और कभी-कभी मिठाई भी देती है.

 

**Apni Roti at Park Circus**There's more food in rich man's shampoo than poor man's plate. Let's work together for the…

Posted by Apni Roti on Monday, 18 February 2019

 

उन्होंने आगे बताया कि वैन में केवल चार लोगों की आवश्यकता होती है. यह पूरी तरह आटोमेटिक है और एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती है. वैन केवल एक दिन की छुट्टी लेती है और अन्य सभी दिनों में यह सुबह 10:30 बजे से शाम को 7:30 बजे तक काम करती है. हम गरीब बस्तिओं की पहचान करते हैं और उस क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा स्थानों तक पहुँचने की कोशिश करते हैं.”

“Apni Roti Squad” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया हैंडल है जहाँ लोगो को उस जगह के बारे में बताते हैं जहाँ वैन को जाना होता है जिससे अधिक से अधिक लोग उस जगह पर आ सकें. वर्तमान में यह वैन पश्चिम बंगाल के कोलकाता में काम करती है जिसका सारा खर्चा विकास उठाते हैं. हालांकि वे इसे बिहार, झारखंड और उड़ीसा में भी विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं.

विकास ज्यादा से ज्यादा वैन शुरू करने की योजना बना रहे हैं जिससे ज्यादा लोगों की मदद कर सकें. उन्होंने बताया कि यह एक नयी पहल है जिसमें स्वयंसेवक और लोगों के बीच एक समानता है और वे सभी इससे लाभ पाते हैं. विकास अभी उन लोगो की तलाश में हैं जो इस पहल के विस्तार में उनकी मदद कर सके.

विकास की यह एक अद्भुत पहल है और इसने निश्चित रूप से लोगों का दिल जीत लिया है. तर्कसंगत विकास अग्रवाल और उनकी टीम को उन लोगों की मदद करने के लिए तारीफ़ करता है जो ताज़े और पौष्टिक खाने से अपना पेट भरते हैं.

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