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भारत के अटॉर्नी जनरल सर्वोच्च न्यायालय से: “राफेल डील से संबंधित दस्तावेज चोरी हो गए हैं”

तर्कसंगत

March 7, 2019

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अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया केके वेणुगोपाल ने कल सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राफेल सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं. अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा कि सौदे के मूल्य निर्धारण के बारे में महत्वपूर्ण दस्तावेज मंत्रालय की फाइलों से चोरी हो गए और प्रकाशन के लिए द हिंदू अखबार को दिए गए. वर्तमान में, सुप्रीम कोर्ट राफेल सौदे पर केंद्र सरकार को अदालत द्वारा दी गई क्लीन चिट की समीक्षा याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

द हिंदू पब्लिशिंग ग्रुप के अध्यक्ष एन राम ने इससे पहले राफेल सौदे में गंभीर गड़बड़ी के बारे में अपने अख़बार  में आर्टिकल छाप कर इसका खुलासा किया था.

 

“रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्तावेज”

केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए, अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने शीर्ष अदालत को बताया, “ये दस्तावेज़ रक्षा मंत्रालय से या तो पूर्व या वर्तमान कर्मचारियों द्वारा चुराए गए थे. ये गुप्त दस्तावेज हैं और सार्वजनिक क्षेत्र में नहीं आने चाहिए. ”

इस पर, भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पूछा कि इस संबंध में क्या कार्रवाई की जा रही है. एजी ने कहा कि यह जानने के लिए जांच चल रही है कि दस्तावेज कैसे चुराए गए. NDTV रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे द हिंदू को इन “चोरी” के वर्गीकृत दस्तावेजों को अपने समाचार में प्रकाशित करने के लिए आरोप लगाया “यह एक अपराध है. हम शुरू से इस बात पर आपत्ति कर रहे हैं क्योंकि गुप्त दस्तावेजों को याचिका के साथ संलग्न नहीं किया जा सकता है. समीक्षा और लंबित याचिकाओं को खारिज किया जाना चाहिए. एजी ने कहा कि प्रशांत भूषण सहित याचिकाकर्ता वर्गीकृत दस्तावेजों पर भरोसा करके आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन कर रहे थे.

 

द हिंदू का ख़ुलासा

द हिंदू ने राफेल डील में कई विसंगतियों को रिपोर्ट करते हुए कई ख़बरें प्रकाशित की. ये रिपोर्ट कई सरकारी दस्तावेजों पर आधारित बताई गई थी. पहली रिपोर्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ समानांतर बातचीत की, एक अन्य रिपोर्ट, में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी दंड के लिए महत्वपूर्ण प्रावधानों को माफ कर दिया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने से कुछ दिन पहले एस्क्रो अकाउंट (संप्रभु या बैंक गारंटी के अभाव में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय) के माध्यम से भुगतान करने की सिफारिशों को खारिज कर दिया.

“पीएम मोदी सरकार के 36 फ्लाईवे विमानों के लिए राफेल सौदा पिछली सरकार के 126 विमानों के सौदे से बेहतर नहीं था” ये कहना था रक्षा मंत्रालय के तीन वरिष्ठ अधिकारीयों का जो सात सदस्यीय भारतीय वार्ता टीम (INT) के डोमेन विशेषज्ञ थे. राफेल डील पर द सीरीज़ के हिस्से के रूप में द हिंदू ने एक अन्य रिपोर्ट में इसका खुलासा किया.

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