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ईमानदारी की कीमत: आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का 27 सालों में 52 वीं बार ट्रांसफर

तर्कसंगत

March 12, 2019

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 1991 बैच के वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट अशोक खेमका सहित नौ आईएएस अधिकारियों के लिए तत्काल प्रभाव से हरियाणा सरकार द्वारा रविवार 3 मार्च को ट्रांसफर और पोस्टिंग आदेश जारी किए गए थे.

खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रमुख सचिव अशोक खेमका को अब विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. वह पहले भी यहां तैनात थे. वर्तमान भाजपा सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद से खेमका का अब तक छह बार ट्रांसफर हो चुका है.



अशोक खेमका का ट्रांसफर

स्क्रॉल के रिपोर्ट अनुसार उनके 27 साल की सक्रिय सेवा में 52 बार ट्रांसफर किया गया है. इस बार, मुख्य सचिव डीएस ढेसी द्वारा जारी किए गए ट्रांसफर आर्डर में कोई कारण नहीं बताया गया था. “एक कॉपी सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई थी.”

“वह (खेमका) एक अच्छे इंसान हैं. मुझे उम्मीद है कि वह राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए आयाम लाएंगे. ”हरियाणा भाजपा के प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा.

इंडियन एक्सप्रेस के साथ उनकी बातचीत प्रकाशित होने के कुछ ही घंटों बाद उनका  ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने अरावली की भूमि समेकन के बारे में बात की थी, यह बताते हुए कि “यह भूमि माफिया के लालच को बढ़ाएगा”. खेमका ने  इस अधिनियम में संशोधन कि जिससे अरावली पहाड़ियों में निर्माण की अनुमति मिलती है. हरियाणा विधानसभा ने कानून में जो संशोधन किए, उससे हजारों एकड़ जमीन गैर-वन और रियल एस्टेट गतिविधि में बदल गई. इससे पहले, भूमि को वन भूमि के रूप में संरक्षित किया गया था. मुख्यमंत्री एमएल खट्टर ने कहा कि ये संशोधन “समय की जरूरत थे.

खेमका का छह साल पुराना आदेश हाल ही में राज्य सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया था, जिसमें फरीदाबाद के ग्राम कोट में उनके द्वारा 3,184 एकड़ जमीन की समेकन प्रक्रिया वापस ले ली गई थी. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2,565 एकड़ भूमि अरवल्ली की बंजर भूमि का हिस्सा है. “अरावली के इको-नाज़ुक क्षेत्र में समेकन की कार्यवाही कृषि उत्पादकता में वृद्धि नहीं करेगी, लेकिन भूमि माफिया के लालच को बढाएगी. खेमका ने कहा था कि जमीन की खरीद की जांच सच्चाई को उजागर करेगी.



इससे पहले, खेमका ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी

1991-बैच के आईएएस अधिकारी 2012 में डीएलएफ के साथ रॉबर्ट वाड्रा के भूमि सौदे को रद्द करने के लिए जिम्मेदार थे. उन्होंने अवैध भूमि सौदों में 20,000 करोड़ रुपये से 35,000 करोड़ रुपये के बीच भ्रष्टाचार की रिपोर्ट की थी.


कांग्रेस के साथ उनके संबंध अज्ञात नहीं है. जब 2014 में बीजेपी सत्ता में आई, तो उन्होंने खेमका की ‘ईमानदार अधिकारी’ के रूप में प्रशंसा की और आईएएस अधिकारी को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया. केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने भी प्रधानमंत्री कार्यालय ( पीएमओ) को उन्हे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए सिफारिश की थी.


लेकिन यह प्रशंसा भाजपा के ‘अछे दिन’ के वादे की तरह अल्पकालिक थी. एक बार जिन्हे सत्तारूढ़ दल के खिलाफ तत्कालीन विपक्ष द्वारा एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया था और भ्रष्ट राजनीति के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भी उनके फिर से परेशान किया गया था.

2015 में, सत्तारूढ़ पार्टी ने हरियाणा राज्य वेयरहाउस कॉरपोरेशन (HSWC) के प्रबंध निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर  ‘प्रक्रियागत अनियमितताओं’ के लिए खेमका को दोषी ठहराया. लेकिन दस्तावेजों और फाइल नोटिंग्स में विसंगतियां सामने आईं, जिन्होंने सरकार के रुख का खंडन किया. 2016 में, हरियाणा के मंत्री अनिल विज कथित तौर पर खेमका के समर्थन में सामने आए और उन्हें सबसे ईमानदार आईएएस अधिकारी भी कहा.बीजेपी विधायक ने कहा, “सच्चाई हमेशा प्रबल होती है और ईमानदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती है.”



अन्य आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर

खेमका के साथ नौ अन्य आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. एक ऑफिसियल रिलीज़ में कहा गया है कि इसमें अमित झा शामिल हैं, जिन्हें अब खेल और युवा मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है. इससे पहले, वह चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के सलाहकार और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे.

वन और वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिद्धि नाथ रॉय को अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है. राजीव अरोड़ा को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला. वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और हरियाणा भवन के मुख्य निवासी आयुक्त हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अपूर्व कुमार सिंह, अमित कुमार अग्रवाल, वजीर सिंह गोयत, चंदर शेखर और विजय कुमार सिद्दप्पा भावाकत्ती ऐसे अधिकारी हैं जिनका ट्रांसफर किया गया है.

2017 में, हरियाणा सरकार ने राज्य के वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट प्रदीप कासनी सहित 19 आईएएस अधिकारियों को ट्रांसफर किया था, जिन्होंने हरियाणा राज्य में अपनी तैंतीस वर्षों की सेवा के दौरान 68 ट्रांसफर का रिकॉर्ड  देखा. 2018 में, वह 34 साल और 71 ट्रांसफर के साथ सेवानिवृत्त हुए.

जबकि ईमानदारी की कीमत की सराहना की जानी चाहिए, हरियाणा सरकार ने अपने ईमानदार ब्यूरोक्रेट्स के साथ का व्यवहार कुछ अलग ही कहता है . तर्क संगत हरियाणा सरकार के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के ट्रांसफर की निंदा करता है.

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