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ओडिशा मुख्यमंत्री: बीजू जनता दल पार्टी के लोकसभा टिकट का 33% महिलाओं के लिए आरक्षित रखेगी

तर्कसंगत

Image Credits: Indian Express

March 12, 2019

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इस लोक सभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारिता को बढ़ाते हुए, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपनी पार्टी के चुनावी टिकट का 33% हिस्सा महिलाओं को देने की घोषणा की है. इस घोषणा के साथ राज्य की बीजू जनता दल राष्ट्र की पहली पार्टी बन गयी है जो लम्बे समय से लोक सभा में लंबित इस बिल को अपनी पार्टी में लागु कर रही है.

 

 पार्टी के लोकसभा टिकट का 33% महिलाओं के लिए

लोकसभा कार्यक्रम घोषित होने से कुछ घंटे पहले ही यह घोषणा की गयी. केंद्रपाड़ा जिले में एक महिला की रैली में भाग लेते हुए नवीन पटनायक ने कहा, “केंद्रपाड़ा में इस ऐतिहासिक मिट्टी से मैं घोषणा करता हूं कि ओडिशा से, 33 प्रतिशत महिलाएं संसद जाएंगी …. ओडिशा भारत को महिलाओं को सशक्त बनाने का रास्ता दिखाएगा.”

नवीन पटनायक ने आगे कहा कि 1990 में, उनके पिता और ओडिशा के दो बार सीएम रह चुके बीजू पटनायक ही थे, जिन्होंने त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की शुरुआत की थी, जिसे बाद में BJD सरकार ने 2012 में बढ़ाकर 50% कर दिया गया था. इसके अलावा, नवंबर 2018 में, राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसमें राज्य विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग की गई थी.

इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए, बेंगलुरु स्थित संगठन – शक्ति के तारा कृष्णस्वामी जो राजनीति में अधिक लैंगिक समानता के पक्षधर है, ने तर्कसंगत को बताया, “यह एक शानदार निर्णय है. यह इस बिल का पालन करने के लिए अन्य पार्टियों पर भी जबरदस्त दबाव डालता है. महिलाओं को पार्टी के 33% टिकट देने का मतलब होगा कि ओडिशा की महिलाएं अब अधिक प्रतिनिधित्व करेंगी.”

2014 में, BJD ने 21 में से 20 लोकसभा सीटें जीती थीं. पटनायक के निर्णय का मतलब होगा कि बीजद 21 लोकसभा सीटों में से कम से कम सात सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी. हालाँकि, लोकसभा चुनावों के साथ होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कोई समान घोषणा नहीं की गई है.

 

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक लंबित है

BJD ने लोकसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का बीड़ा उठाया है, मगर महिला आरक्षण विधेयक अभी भी लंबित है.

2008 में यूपीए सरकार द्वारा पेश, विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान रखता है. इसके अलावा, इनमें से एक-तिहाई सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. जबकि मार्च 2010 में राज्यसभा में बिल पारित किया गया था, लोकसभा को इस पर मतदान करना बाकी है.

भले ही महिला आरक्षण विधेयक को भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.

 

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