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जी बी बॉक्सिंग टूर्नामेंट में अपने हमवतन को हराकर कविंदर ने जीता पहला इंटरनेशनल खिताब

तर्कसंगत

Image Credits: Ahmedabad Mirror

March 13, 2019

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हाल ही में फिनलैंड के हेलिंसिकी में संपन्न हुए 38 वें जी बी मुक्केबाजी प्रतियोगिता (Gee Bee Boxing Tournament) में भारत के कविंदर सिंह बिष्ट (56 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीतकर और वहीं शिव थापा व तीन अन्य ने रजत पदक जीतकर विश्व में कुल 8 पदकों के साथ भारतीय उपस्तिथि को दर्ज कराया.

भारत के ही मोहम्मद हस्मुद्दिन (56 किग्रा) जो पहले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं, का मुकाबला फाइनल में समान किग्रा वर्ग में भारत के कविंदर सिंह बिष्ट से ही था. दोनों सेना खेल कंट्रोल बोर्ड ( SSCB) से ताल्लुक रखते हैं और एक दूसरे के खेल को भलीभांति समझते हैं. कविंदर सिंह बिष्ट गंभीर रूप से आंख के ज़ख्मी होने के बावजूद स्वर्ण जीतने में सफल रहे और मोहम्मद हस्मुद्दिन को रजत पदक में ही संतोष करना पड़ा. कविंदर सिंह बिष्ट का यह प्रथम अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक है.

असम के शिव थापा (60 किग्रा), जो पूर्व में भी एशियाई पदक के सबसे युवा विजेता और कुल तीन बार विजेता रहे हैं, स्थानीय प्रतियोगी अर्सलान खातेव से 1-4 हार गए और रजत पदक हासिल किया.

थाईलैंड के थितिसान पन्मोद के खिलाफ भारत के गोविंद कुमार साहनी (49 किग्रा) ने यद्यपि प्रथम दौर, प्रभावी शुरुआत कर जीता किन्तु अगले ही दो दौर में पनमोद निर्णायक मंडल के अंक लेकर 3-2 से विजय प्राप्त की और साहनी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

चौथा और अंतिम रजत पदक, 2018 के इंडिया ओपन के रजत पदक – धारी दिनेश डागर (69 किग्रा) ने दो बार यूरोपीय रजत पदकविजेता पैट मैकोर्मक से फाइनल मुकाबले में हासिल किया. सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान अपनी घायल आंख के बावजूद, फाइनल में दिनेश डागर और पैट मैकोर्मक काफ़ी आक्रामक तरीके से लड़ किन्तु रेफरी को तीसरे दौर में कुछ सेकंड ख़ेल को रोकना पड़ा और फ़ैसला पैट मैकोर्मक के पक्ष में होने से उन्हें रजत पदक हासिल हुआ.

इनके अलावा सचिन सिवाच (52 किग्रा),  सुमित सांगवान (91 किग्रा) और नवीन कुमार (91 किग्रा प्लस) को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक हासिल हुए.

पूर्व युवा विश्व विजेता सचिन सिवाच जहां किर्गिस्तान के अज़त उसेनालाइव से 1-4 से हारे, वहीं सुमित सांगवान को इंग्लैंड के चेवोन क्लार्क से 0-5 और हैवीवेट वर्ग में नवीन कुमार को ऑस्ट्रेलिया के जस्तिस हुनी से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा.

तर्कसंगत भारतीय टीम की इस सफलता पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है और उम्मीद करता है कि भविष्य में बॉक्सिंग में हमें और भी सफलता मिले, तथा सरकार से गुज़ारिश भी करता है कि इन खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को बढ़ाने के लिए इन्हें हर तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ.

 

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