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ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र (वोटर आई कार्ड) के लिए आवेदन कैसे करें?

तर्कसंगत

March 14, 2019

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7 अप्रैल, 2014 को जब भारत 16 वीं लोकसभा के चुनाव के लिए चुनावी मोड में आया, तो दुनिया ने एक आश्चर्य कर देने वाला दृश्य देखा. आँकड़े चौंका देने वाले थे – इतिहास का सबसे बड़ा चुनाव, राष्ट्रीय इतिहास का सबसे लंबा चुनाव, भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा मतदान, चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा अभ्यास, 81.4 करोड़ योग्य मतदाता: इसने अपने विशाल परिमाण से ही इतिहास रचा. लेकिन 28.5 करोड़ के करीब योग्य मतदाताओं ने चुनाव में मतदान ही नहीं किया.

चुनाव में मतदान करना किसी भी देश के नागरिकों का कर्तव्य है. मतदाताओं के कम मतदान के कारणों में से एक उचित मतदाता पहचान पत्र का अभाव है.

 

भाग 1

 वोटर कार्ड के लिए आवेदन कौन कौन कर सकता है ?

यहां चुनाव में मतदाता बनने के लिए कुछ शर्तें हैं:

जैसे कि –

  1.   मतदाता, भारत का नागरिक होना चाहिए
  2.    जिस वर्ष मतदाताओ की सूची तैयार की जाती है, उस वर्ष की पहली जनवरी को आपकी आयु 18 वर्ष होनी चाहिए. उदाहरण के लिए, यदि आप 1 जनवरी 2017 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं, तो आप मतदाता सूची में मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए योग्य है 2017 और उसके बाद के सभी चुनाव में वोट डालने के लिये आपका नाम लिस्ट में हमेशा के लिये रजिस्टर्ड हो जायेगा.

मतदाता सूची लगातार अपडेट होती रहती है. इस प्रकार, आप अपने 18 वें जन्मदिन के तुरंत बाद जनवरी के महीने (या कभी भी) के बाद अपने विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं.

यदि आप इन दोनों शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकते हैं, जहाँ के आप मूल निवासीहैं.

हालाँकि, यदि आप जेल में हैं, या आपको यहाँ सूचीबद्ध किसी कानून के तहत दोषी ठहराया गया है, तो आपको मतदान से अयोग्य ठहराया जा सकता है.

 

भाग 2

 

मैं कैसे एक वोटर के रूप में अपना पंजीकरण कर सकता / सकती हूं?

आपको आवेदन पत्र (इस लिंक में यहां दिया गया है – फॉर्म 6, एड्रेस प्रूफ(निवास प्रमाण), जन्म तिथि आदि के साथ) निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी / निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष दर्ज करना होगा, जिस निर्वाचन क्षेत्र में आपका निवास स्थान है. आम तौर पर, आपको व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है. आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

यह हो जाने के बाद, निर्वाचन क्षेत्र के लिए आपका नाम मतदाता सूची में आने लगेगा, जिसके बाद चुनाव में मतदान करना आपके लिये अनिवार्य है. आप अपना नाम लिस्ट में खुद भी ढूढ़ सकते हैं.

यदि आप 18 से 21 वर्ष की आयु के हैं, तो आपको आयु के प्रमाण दिखाने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. अन्य सभी मामलों में भी, आपकी यह घोषणा आयु के प्रमाण के रूप मान्य होगी.

 

भाग 3

 

मैं वोटर आईडी कार्ड कैसे प्राप्त कर सकता हूं? मैं अगर वोट करता/करती हूँ तो उसका महत्व क्या है?

ईसीआई नागरिकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में सफलतापूर्वक नाम शामिल करने के बाद मतदाता पहचान पत्र जारी करता है. ईसीआई ने मतदान के समय मतदाता पहचान को अनिवार्य कर दिया है. अगर आप मतदान करना चाहते है, तो आपको ईसीआई द्वारा जारी किया हुआ अपना वोटर आईडी कार्ड या किसी अन्य प्रमाण को जिसे ईसीआई मान्यता देता हो दिखाना होगा.

हालाँकि, यह भी ध्यान में रखें, कि सिर्फ आपके पास आपका वोटर आईडी कार्ड है, इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि आपको निश्चित रूप से मतदान करने की अनुमति होगी – क्योंकि यह अनिवार्य है कि आपका नाम मतदाता सूची में भी दिखाई दे. एक बार जब आपको यह पता चल जाये कि आपका नाम मतदाता सूची में मौजूद है और आपके पास ईसीआई द्वारा निर्धारित (मतदाता पहचान पत्र या कोई अन्य स्वीकार्य दस्तावेज) पहचान दस्तावेज भी है, तभी आप मतदान करने के हकदार हैं.

 

भाग 4

 

मैं कैसे, किसी भी तरह शिकायत या प्रतिबंधों(ऑब्जेक्शन) को दर्ज कर सकती/सकता हूँ?

यदि आपको मतदाता सूची, मतदाता पहचान पत्र या चुनाव संबंधी किसी अन्य मामले में कोई शिकायत है, तो आप निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं:

(i) मुख्य निर्वाचन अधिकारी – राज्य स्तर पर

(ii) जिला निर्वाचन अधिकारी – जिला स्तर पर

(iii) रिटर्निंग ऑफिसर – निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर

(iv) सहायक रिटर्निंग अधिकारी – तालुका / तहसील स्तर पर

(v) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी – निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर

(vi) पीठासीन अधिकारी – मतदान केंद्र पर

(vii) जोनल अधिकारी – मतदान केंद्रों के समूह के लिए

हर चुनाव के दौरान, ECI ‘आब्जर्वर’ की भी नियुक्ति करता है जो राज्य के बाहर से वरिष्ठ सिविल सर्विसेज के अधिकारी होते हैं. यदि आपको कोई शिकायत या समस्या है तो आप उनसे संपर्क कर सकते हैं. आपको अपने क्षेत्र के इन अधिकारियों के लिए यहाँ से कुछ विवरण मिल सकता है.

 

कुछ आम सस्याएं जिसका सामना करना पड़ सकता है 

मेरे नाम को गलत तरीके से दर्ज किया गया है. मैं इस तरह की गलतियों को कैसे सुधार सकता हूं?

मतदाता सूची में गलतियों के सुधार के लिए, आप संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को एक आवेदन पत्र (प्रपत्र यहां दिया गया है – फॉर्म 8) जमा कर सकते हैं. आप यहां ऑनलाइन सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.

मेरा नाम लिस्ट में है, अब मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे किस पोलिंग बूथ पर जाना है?

आप अपने क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. सभी प्रमुख शहरों में मतदाता सूची अब आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रदर्शित की गई है. आपको यह जानकारी यहाँ मिल सकती है.

एक बार जब आपका नाम लिस्ट पर दर्ज होता है, तो आपको अपना वोट डालने के लिए एक पहचान प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज की भी आवश्यकता होती है – यह आईडी आमतौर पर भारतीय चुनाव आयोग (“ईसीआई”) द्वारा जारी की जाती है और इसे निर्वाचकों के फोटो पहचान पत्र (EPIC) के रूप में जाना जाता है. EPIC आमतौर पर मतदाता पहचान पत्र के नाम से जाना जाता है.

 

मैंने अपने गृह राज्य में मतदान करने के लिए पंजीकृत किया गया था, लेकिन अब मैं अपनी नौकरी के लिए स्थानांतरित हो गया हूं. क्या मैं एक से अधिक स्थानों पर नामांकन कर सकता हूं? यदि नहीं, तो मैं अपना वोट कैसे स्थानांतरित कर सकता हूं?

आपको एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में नामांकित नहीं किया जा सकता है. नए नामांकन के लिए आवेदन करते समय, आपको एक घोषणा पत्र देना होगा जिसमे आप यह लिखे कि आपका नाम पहले से ही किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में शामिल नहीं है. (यदि आप एक गलत/फर्जी घोषणा पत्र देते हैं, तो आपको एक वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है, या जुर्माना, या दोनों)

यदि आपने अपना घर स्थानांतरित कर दिया है, और नया घर एक ही निर्वाचन क्षेत्र में है, तो आपको फॉर्म 8A भरना होगा और उसी को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को जमा करना होगा (आप यहाँ पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं). यदि आपका नया घर एक अलग निर्वाचन क्षेत्र में है, तो आपको फिर से फॉर्म 6 भरने की जरूरत है (एक ताजा आवेदन के मामलो में उपयोग होता है).

 

मैं पोलिंग बूथ पर गया था, लेकिन किसी ने मेरे नाम पर वोट दिया है! मैं क्या कर सकता हूँ?

यदि आप मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद मतदान अधिकारी को बताते हैं कि आपका वोट पहले ही डाला जा चुका है, तो आपको इसे तुरंत पीठासीन अधिकारी के ध्यान में लाना चाहिए. ऐसे मामले में, पीठासीन अधिकारी आपसे आपकी पहचान की पुष्टि करने के लिए सवाल पूछ सकता है. एक बार जब वह संतुष्ट हो जाते है कि आपकी पहचान वास्तविक और सत्य है, तो वह आपको एक टेंडर्ड बैलेट पेपर देगा और उसके बाद आप योग्य है एक ‘टेंडर्ड वोट’ के लिये (चुनाव नियमों के आर्टिकल के नियम 42 के अनुसार, 1961) अनुमति दी जाएगी. एक टेंडर्ड बैलेट पेपर, एक नार्मल बैलेट पेपर के समान होता है, जिसे बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे एक ‘टेंडर्ड बैलट पेपर’ काले शब्दों में लिखकर प्रस्तुत किया जाएगा (जो या तो उस कागज पर लिखा होगा या उसकी स्टाम्प लगी होगी).

उम्मीदवार, अपनी पसंद को चिह्नित करने के बाद, आपको टेंडर्ड बैलट पेपर को पीठासीन अधिकारी को वापस करना पड़ेगा, जो इसे दूसरे पत्रों से अलग करके रखेगा. ऐसे मामले में, आप अपना वोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर नहीं डालेंगे. न्यायालय ने कहा है कि टेंडर्ड बैलट पेपर वाले वोटों को केवल तब ही ध्यान में रखा जाना चाहिए जब वह चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने की संभावना रखते हैं, अर्थात जब जीत का मार्जिन टेंडर्ड बैलट पेपर के वोटों की संख्या से कम होता है.

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