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रेलवे में हेल्पर्स के पोस्ट के लिए 82 लाख इंजीनियर, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट ने अप्लाई किया है

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Image Credits: Zee News

March 22, 2019

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द वायर की रिपोर्ट के अनुसार नौकरी पाने के लिए, विज्ञान, कला, वाणिज्य, प्रबंधन में स्नातक और स्नातकोत्तर, इंजीनियरों ने रेलवे में सबसे नीचले तबके के पदों जैसे ट्रैक-मेन, खलासी, या सहायक के लिए 82 लाख उम्मीदवारों ने अप्लाई किया है. कुल उपलब्ध पोस्ट 62,907 हैं.

जबकि रेलवे में लेवल -1 या ग्रुप डी श्रेणी में संदर्भित इन नौकरियों के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा दो करोड़ आवेदन प्राप्त किए गए थे, उनमें से केवल 1,88,721 उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट परीक्षा के लिए बुलाया गया था. इन पदों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 2018 के मध्य में शुरू हुई थी, और अब तक, चयनित 75,485 उम्मीदवारों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल की प्रक्रिया चल रही है.

पिछले साल आवेदनों की अधिकता के कारण, आरआरबी को उनकी समीक्षा करने में काफी समय लगा, और अंत में इस प्रक्रिया को चालू करने की स्थिति में आ गए. द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, सफल उम्मीदवारों को इस साल मई के अंत तक ग्रुप डी की नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त होने का अनुमान है.

इन नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10 पास है, और व्यावसायिक प्रशिक्षण या औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों पर राष्ट्रीय परिषद से प्रमाण पत्र है, या एक राष्ट्रीय शिक्षुता प्रमाणपत्र की आवश्यकता है.

 

मेरिट के आधार पर चयन

द वायर द्वारा प्राप्त आंकड़ों से उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के आधार पर अलग किया जा रहा है. यह उल्लेख किया गया है कि 4,19,137 उम्मीदवार इंजीनियरिंग डिग्री और 40,751 बी टेक के साथ स्नातकोत्तर डिग्री रखते हैं. इंजीनियरों के अलावा, 19.1 लाख आवेदक कला स्नातक हैं, 3.83 लाख कला में स्नातकोत्तर हैं, 9.57 लाख विज्ञान स्नातक हैं, और 1,27,018 विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं.

उपरोक्त आंकड़े देश में उपलब्ध नौकरियों की कमी को प्रदर्शित करते हैं. अच्छी तरह से शिक्षित युवाओं को उन नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए मजबूर किया जाता है जिनके लिए कम शिक्षा की आवश्यकता होती है. नौकरियों की अपर्याप्त गुणवत्ता इन स्नातकों की प्रतिभा को कम कर रही है, साथ ही साथ हतोत्साहित भी करती है.

 

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