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आईपीएल : आंकड़ों के हिसाब से रॉयल चैलेंजर्स पर भारी है चेन्नई सुपर किंग्स की टीम

तर्कसंगत

Image Credits: Indiatimes

March 23, 2019

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अंत में, वह दिन आ गया है जब आईपीएल के बहुप्रतीक्षित 12 वें संस्करण की शुरुआत हो जाएगी. टूर्नामेंट का पहला मैच चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम में गत विजेता चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर के बीच खेला जाएगा.

3 विजेता ट्रॉफी और 7 बार फाइनल में पहुचने वाली आईपीएल की सबसे सफल टीम CSK अपने खिताब का बचाव करने के अभियान की शुरूआत जीत से करना चाहेगी.  पूर्व भारतीय कप्तान एम.एस. धोनी के नेतृत्व में 2 साल के प्रतिबंध के बाद CSK ने पिछले साल के टूर्नामेंट में शानदार वापसी की, CSK अपने घरेलू मैदान में अपने भावुक समर्थकों के सामने एक शानदार प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक होंगे, जहां वे लंबे समय के बाद लौट रहे हैं.

धोनी के लिए, चेन्नई सुपर किंग्स और चेन्नई शहर घर से दूर एक घर है. वह शहर को एक और खिताब जीतता देखना चाहेंगे जहां  हर कोई उनसे प्यार करता है. और CSK के प्रशंसकों के लिए यह टीम के लिए अपना समर्थन दिखाने का एक बड़ा अवसर होगा और विशेष रूप से धोनी को क्यूंकि किसे पता चेपॉक में ये उनका आखिरी सात मैच हो सकता है, जहां सीएसके के प्रशंसकों को उनकी प्यारी पीली जर्सी में ”थाला” देखने को मिलेगा.

 दूसरी ओर, गार्डन सीटी बेंगलुरु की टीम अभी भी अपना पहला खिताब खोज रही है. आरसीबी की आईपीएल यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए हैं. आरसीबी की टीमें हमेशा कागज पर बहुत मजबूत होती हैं लेकिन समय-समय पर वे अपनी क्षमता तक पहुंचने में विफल रही हैं. वे टूर्नामेंट जीतने के निकटतम टूर्नामेंट के 2009, 2011 और 2016 के संस्करणों में आये थे जब वे रनर अप रहे थे.

हालांकि विराट कोहली ने अपने क्रिकेटिंग करियर में सफलता हासिल की हैं, जो सरलता से रन बनाते हैं, वह नए रिकॉर्ड स्थापित करते हैं और भारतीय कप्तान के रूप में उनका एक सफल कार्यकाल रहा है. वह आईपीएल ट्रॉफी को उठाने के लिए उत्सुक होंगे. इस टूर्नामेंट के दौरान उनके पास साबित करने को बहुत कुछ है लेकिन उन्हें यह भी सुनिश्चित करना है कि वह फिट रहे और विश्व कप के लिए तैयार रहे जो इस लंबे टूर्नामेंट के तुरंत बाद खेला जाएगा.

 



टीम प्रीव्यू

चेन्नई सुपर किंग्स

CSK निश्चित खिलाड़ियों की कोर को बनाए रखने के लिए जाना जाता है और उन्होंने इस साल भी ऐसा ही किया है. नीलामी के दौरान बहुत कम एक्टिव रहते हुए उन्होंने सिर्फ गायकवाड़ और मोहित शर्मा को खिलाड़ियों के रूप में खरीदा है.

CSK के पास वॉटसन, डु प्लेसिस और बिलिंग जैसे अंतर्राष्ट्रीय सितारों के साथ बहुत मजबूत बल्लेबाजी लाइन है, जिन्होंने दुनिया भर में अपने कौशल को साबित किया है, लेकिन उनकी असली ताकत भारतीय बल्लेबाज रैना, रायडू, जाधव और धोनी हैं जो मजबूत मध्य क्रम बनाते हैं. ब्रावो, जडेजा, विली, सेंटनर, वॉटसन जैसे ऑलराउंडर्स  टीम को बहुत जरूरी संतुलन प्रदान करती है. उनके पास हरभजन, जडेजा और ताहिर के रूप उमदा और अनुभवी स्पिनर भी है .

CSK के लिए एकमात्र चिंता की बात है गुणवत्ता वाले तेज गेंदबाज की कमी और दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज की चोट के कारण उन्हें बड़ा झटका लगा क्योंकि वे उनसे इस बोलिंग यूनिट का नेतृत्व करने की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि उनके पास चाहर, शार्दुल, आसिफ जैसे युवा भारतीय पेसर्स का अच्छा मिश्रण है, लेकिन उनसे लगातार प्रदर्शन की उम्मीद करना बहुत अधिक होगा. साथ ही टीम के कई  सदस्य तीस के दशक के गलत पक्ष में हैं, इससे उनकी फील्डिंग का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है.

 

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर 

RCB के लिए मुख्य सकारात्मक उनकी बैटिंग ताकत और गहराई है, जो विश्व के सबसे बेस्ट बैट्समैन में से कोहली, मिस्टर 360 डीविलियर्स, युवा हेटमायार और पार्थिव पटेल, डी ग्रैंडहोमे, मोइन अली, स्टोइनिस और रोमांचक टैलेंट शिवम दूबे जैसे उपयोगी खिलाड़ियों द्वारा प्रदान की गई है.  यह विभाग में संतुलन सही होने का सवाल है. डी ग्रैंडहोमे, अली, सुंदर और स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी टीम में बेहतरीन ऑलराउंडर हैं, जो मुश्किल परिस्थिति में से टीम को बाहर निकलने में सक्षम है .

RCB के लिए यह सवाल स्कोर करने के बजाय टोटल कैसे बचाव किया जाए उसका है. कई बार आरसीबी बोलिंग यूनिट 200 से अधिक के स्कोर का बचाव करने में विफल रही है और यह इस सीजन के लिए भी चिंता का विषय है. उमेश अपने दिन पर शानदार बॉलर  हैं, लेकिन इस प्रारूप में उनकी निरंतरता पर अभी भी संदेह है, कूल्टर नाइल ज्यादातर चोटिल रहते हैं और साउथी अब प्रभावी टी -20 गेंदबाज नहीं हैं. इसलिए वे उम्मीद करेंगे कि सैनी, सिराज या खेजरोलिया में से कोई एक इस सीजन बेहतरीन प्रदर्शन करे. उनके पास मोइन, नेगी या सुंदर के रूप में अच्छे स्पिन विकल्प उपलब्ध हैं जो स्पिन आक्रमण में चहल का साथ देंगे.



आमने सामने

CSK और RCB के बीच 22 मैच में, बेंगलुरु की टीम केवल सात जीतने में सफल रही, जबकि सुपर किंग्स ने 14 जीत हासिल की है . इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि RCB IPL 2019 से पहले CSK के खिलाफ अंतिम छह मैचों की हार का सामना कर रही है. कोहली की टीम ने आखिरी बार 2014 में CSK को हराया था.

एम ए चिदंबरम स्टेडियम में RCB का रिकॉर्ड भी बेंगलुरु के प्रशंसकों के लिए चिंताजनक है. चेपॉक पर उनकी आखिरी जीत 2008 में हुई और प्रतिष्ठित स्थल पर उनके पिछले मुकाबलों में से छह में हार मिली है . विशेष रूप से, धोनी की CSK ने आईपीएल 2018 में RCB के सामने दोनों मैच जीते थे.

तो कुल मिलाकर RCB के लिए CSK को उनके घर पर हराना एक मुश्किल काम होगा लेकिन अगर उनके बोलर अच्छा प्रदर्शन करते है तो उनके पास किसी भी कुल का पीछा करने के लिए सक्षम बल्लेबाज है.

 

लेख: ओम पाठक 

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