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आईपीएल 2019 : जानिए क्या है सारी टीम्स की ताकत और कमज़ोरियाँ

तर्कसंगत

Image Credits: Insidesport

March 23, 2019

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 12वें संस्करण का आगाज़, आज 23 मार्च 2019 रात 8 बजे से पिछले साल के विजेता चेन्नई सुपकिंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच भिड़ंत से होगा.

क्रिकेट के इस लिमिटेड ओवर्स वाले संस्करण का हर मैच अपको दांतों तले उंगली दबा लेने के लिए बाध्य करने वाला होगा. हमने यहां शामिल होने वाली आठों टीमों का एक संक्षिप्त विश्लेषण किया है.

चैन्नई सुपरकिंग्स 

चेन्नई सुपरकिंग्स का जहां टॉप बैटिंग ऑर्डर और स्पिन गेंदबाज़ी सबसे मजबूत है, तो वहीं लोअर बैटिंग ऑर्डर और पेस बॉलिंग उनसे संघर्ष करवाएगी. टीम के सभी 23 खिलाड़ी पिछले साल से बनाए रखे गए हैं ज़ाहिर है वे एक दूसरे की ताक़त और टीम में हरेक के रोल से अच्छी तरह से वाक़िफ होंगे. अधिकतर खिलाड़ियों की उम्र का औसत, अन्य टीम के खिलाड़ियों से ज्यादा है ऐसे में अनुभव से ज्यादा, टीम के लिए धीमा खेल और चोटिल खिलाड़ी भी परेशानी का सबब बन सकते हैं.

दिल्ली कैपिटल्स

शिखर धवन, प्रथ्वी शॉ, श्रेयश अय्यर और ऋषभ पंत के साथ इस टीम का बैटिंग ऑर्डर आईपीएल का सबसे आक्रामक बैटिंग ऑर्डर होगा. क्रिस मौरिस, कगीसो रबादा, ट्रेंट बोल्ट और लमिछने जैसे अन्तर्राष्ट्रीय लेवल के सिद्ध गेंदबाज टीम को मजबूत बनाते हैं तो वहीं लोकल स्पिन गेंदबाज सक्सेना, मिश्रा, तेवतिया – लमिछनें के कंधे से कंधा मिला ने को तत्पर दिखेंगे. पेस बॉलिंग और लोअर बैटिंग ऑर्डर के मामले में टीम जूझती हुई दिखाई दे सकती है.

कोलकाता नाईटराईडर्स 

कोलकाता नाटराइडर्स का स्क्वॉड स्ट्रक्चर छोटा और साफ़ है. अन्तर्राष्ट्रीय लिन, रसेल, नरेन जहां बल्लेबाजी को मजबूत करते हैं तो वहीं फर्गुसन, गुरनी, नॉर्टिजे पेस गेंदबाज़ी को धार देते हैं. किसी भी खिलाड़ी के चोटिल होने की दशा में यह स्क्वॉड बिखर जाएगा.

पावरप्ले में टीम का बैटिंग तकनीक पिछले कुछ सालों में सर्वश्रेष्ठ रहा है लेकिन पावरप्ले में बॉलिंग पिछले सीजन में हांफता हुआ ही मालूम हुआ. कुलदीप, नरेन और चावला स्पिन गेंदबाज टीम को अलग बनाते हैं. पेस गेंदबाज़ी में अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का साथ निभाने कोई बड़ा भारतीय खिलाड़ी टीम में नहीं है.

किंग्स इलेवन पंजाब

क्रिस गेल और राहुल से ज्यादा खतरनाक ओपनिंग बल्लेबाज भला किस टीम के पास होंगे. दोनों का बतौर ओपनिंग जोड़ी, पिछले सीजन में औसत 9.18 रन प्रति ओवर की दर से 1026 रनों का योगदान रहा है. मुजीब और अश्विन स्पिन गेंदबाजी को साधेंगे. एक और स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती एक बड़े सरप्राईज माने जा रहे है जो अपना पहला आईपीएल खेलंगे.

मोहम्मद शमी के अलावा कोई भी अन्य पेस गेंदबाज अंकित राजपूत, एम अश्विन और हरदस विलजोएं प्रभावी मालूम नहीं होता है. ये भी गौर करने लायक है की शमी का पिछले आईपीएल का ट्रैक रिकॉर्ड भी सराहनीय नहीं रहा है. ऑलराउंडर्स की कमी टीम को खलेगी जो टीम के अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को साथ निभाने के लिए भी जरूरी है.

मुंबई इंडियंस

लुइज़, पोलार्ड, डे कोक, कत्तिंग, कृणाल, सूर्य कुमार, रोहित, हार्दिक और किशन के साथ मुंबई इंडियंस का बैटिंग ऑर्डर सबसे असाधारण और प्रभावी है. मिल्ने, इस आईपीएल के सबसे ज्यादा बॉलिंग इंपैक्ट वाले खिलाड़ी हैं, मलिंगा और बुमराह को किसी परिचय की ज़रूरत ही नहीं. अन्तर्राष्ट्रीय बेहरेंद्रोफ और मेक क्लेनाघान का साथ हार्दिक और सरण बख़ूबी अंज़ाम देते मालूम पड़ते हैं.

कृणाल, मार्कण्डेय और चहर जैसे कम इंपैक्ट वाले और अधिक जिम्मेदारी देकर युवा स्पिन गेंदबाजों के साथ टीम संघर्ष करती दिखाई दे सकती है.

 

राजस्थान रॉयल्स

जोस बटलर, राजस्थान के सबसे बेस्ट खिलाड़ी हैं. टीम के लिए पिछले सीजन के लगातार पांच अर्धशतक, आज भी लोगों के जेहन में ज़िंदा हैं, उनका ऐसा प्रदर्शन इस साल भी शायद ज़रूर देखने को मिलेगा.

अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी  बटलर, स्टोक्स, आर्चर, थॉमस, सैमसन, स्मिथ, आरोन  जहां टीम के स्थायी अंतिम ग्यारह में रहेंगे, वहीं सोढ़ी, रहाणे के अलावा शेष भारतीय खिलाड़ी गोपाल, कुलकर्णी, त्रिपाठी, गोथम का इंपैक्ट प्रभावी नहीं है. टीम के पास मैच विनर्स की कमी है. होम पिच भी टीम के विदेशी खिलाड़ियों को मुश्किल पेश करेगी. आर्चर, थॉमस और आरोन भी कुलकर्णी के साथ पेस गेंदबाज़ी को ज़रूरी धार देने में नाकाम दिखते हैं.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

टीम के पास एबी डिविलियर्स और विराट कोहली जैसे टॉप सितारा खिलाड़ी हैं. चहल, वॉशिंगटन और नेगी की स्पिन तिकड़ी किसी टीम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ देने के लिए काफी है. एम चिन्नस्वामी स्टेडियम इन खिलाड़ियों को कहर बरपाने में भी मददगार साबित होगा.

कोहली के अलावा पार्थिव पटेल और गुरकीरत सिंह ही भारतीय बल्लेबाज़ ही टीम में हैं. जाहिर है कोहली ही टीम के अकेले तारणहार रहेंगे. स्पिन तिकड़ी के अलावा उमेश ही अकेले प्रभावी तेज गेंदबाज हैं. डैथ हाउर्स (आंटी ओवरों) में जिसकी कमी साफ दिखाई देने वाली है. मोईन, स्टोइनिस और ग्रंधोमे जैसे ऑल राउंडर बोलर्स भी कम प्रभाव के कारण टीम को परेशानी में डाल सकते हैं.

सनराइजर्स हैदराबाद 

राशिद खान, ना सिर्फ टीम के बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं. उनकी लगातार अच्छी और घातक फॉर्म टीम के लिए तेज़ हथियार रहेगी.

भुवनेशवर, कौल और संदीप जहां पेस को सम्हालेंगे, वहीं राशिद, शाकिब और नाबी स्पिन से विरोधी टीम को परेशान करने में सक्षम रहेंगे. पिछले सीजन में भी टीम ने अपने 151 रनों के लक्ष्य को भी अपने इन गेंदबाजों के प्रदर्शन से बड़ा साबित किया था. स्टनलेक, वैसे तो कम प्रभावी रेट रखते हैं लेकिन अपना दिन होने पर किसी भी टीम का बंटाधार कर सकते हैं. डैथ ओवर्स में गेंदबाजी का तो इस टीम की तुलना में कोई सानी ही नहीं.

धवन के दिल्ली टीम में चले जाने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है. यूसुफ पठान के अलावा कोई भी अनुभवी भारतीय बल्लेबाज़ टीम में नहीं है. वार्नर और विलियमसन ही टीम के ओपनर रहेंगे. गुप्टिल और बेयरस्टो कुछ चुनौती दे सकते हैं लेकिन हुडा, साहा, नाबि, शाकिब लोअर बैटिंग ऑर्डर में परेशानी का कारण बनेंगे. वैसे तो  मनीष को अपनी अधिक बोली को साबित करना होगा और शंकर को इस फॉर्मेट में अपनी सार्थकता.

लेख: सुलभ जैन 

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