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माता-पिता ने स्कूल फीस बढ़ाने का किया विरोध, स्कूल ने 486 बच्चों को किया निष्कासित

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Image Credits: Representational Image

March 25, 2019

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हडपसर, पुणे के अमानोरा स्कूल ने छात्रों की फीस को अनियंत्रित तरीके से बड़ा दिया है जिसके चलते गुरुवार को 150 माता- पिता ने  अपने बच्चों के साथ एक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया. प्रदर्शन के बाद स्कूल ने 486 छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए निष्कासित कर दिया है. माता-पिता ने दावा किया कि स्कूल ने गलत तरीके से फीस जमा कराई गयी है. जिस पर स्कूल ने एक बयान में कहा “यदि निष्कासित छात्र शेष बची फीस जमा करा देते हैं तो उन्हें बहाल किया जा सकता है.”

विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले हेमंत मित्तल ने बतायास्कूल ने फीस के रूप में 85,000 रुपये की मांग की थी और हमने पाया कि 49,950 रुपये के अलावा, बाकी कैपिटेशन फीस(आधिकारिक रूप से ज्यादा लिये गये पैसे) थी जिसे हम जमा नहीं करेंगे. स्कूल हर साल अपनी फीस बढ़ाता है. हमने राज्य के शिक्षा मंत्री, विनोद तावड़े से मुलाकात की जिन्होंने इस मुद्दे को जल्द ही हल करने का वादा किया है.

मित्तल ने आगे बताया कि स्कूल ने होली पर मातापिता को एक पोस्ट के माध्यम से एक स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC ) भेजा जिससे मातापिता और बच्चों ने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया.

एक अन्य अभिभावक धीरज गेदाम ने बतायास्कूल विवादों में घिर गया है. यह हर साल प्रवेश फीस लेता रहा है और इसे बढ़ाता भी रहा है. यह स्कूल सरकारी अधिकारियों को गुमराह करने के लिए खातों में हेर-फेर करने के लिये जाना जाता है. यहां तक ​​कि अभिभावकशिक्षक संघ (PTA) और कार्यकारी अभिभावकशिक्षक संघ (EPTA) समिति का गठन भी सवालों के घेरे में है. फीस बढ़ाने का फैसला कार्यकारी अभिभावकशिक्षक संघ द्वारा किया जाता है जिसमें ऐसे सदस्य शामिल हैं जो स्कूल प्रबंधन पर कभी सवाल नहीं उठाते हैं.”

गेदाम ने बताया कि छात्रों के मातापिता ने स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए हडपसर पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया लेकिन पुलिस अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया. हडपसर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुनील तांबे ने बारबार प्रयास के बावजूद भी कोई टिप्पणी नहीं दी और ना कोई कार्यवाही करी.

स्कूल प्रिंसिपल मीरा नायर ने अमानोरा नॉलेज फाउंडेशन के अपने प्रवक्ता, विक्रम बी देशमुख के माध्यम से एक बयान को साझा किया. जिसमें कहा गयाअमानोरा नॉलेज फाउंडेशन ने सम्पूर्ण विकास और नये नये अवसरों के लिए गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के इरादे से स्कूल शुरू किया था. अधिनियम और नियमों के अनुसार स्कूल ने फीस की मंजूरी के लिए प्रक्रिया का पालन किया है. स्कूल ने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, अभिभावक शिक्षक संघ (PTA) की कार्यकारी समिति का गठन किया जिसने शैक्षणिक वर्ष 2017-18, 2018-19 की फीस के बारे विचार किया था. हमने सभी अभिभावकों को PTA की कार्यकारी समिति द्वारा किये गये फैसले के अनुसार फीस की जानकारी दी. हमने मातापिता की सभी चिंताओं को हल करने का प्रयास किया और उनके सभी सवालों का उत्तर भी दिया.”

“हालांकि, स्कूल के बार बार अनुरोध के बावजूद कुछ मातापिता ने शैक्षणिक वर्ष 2017-18 की पूरी फीस और 2018-19 की थोड़ी भी फीस जमा नहीं की है. बावजूद इसके कि उनके मातापिता पिछले दो वर्षों से स्कूल की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, हमने किसी भी छात्र को स्कूल से नहीं निकाला और ना ही किसी भी सुविधा से वंचित रखा है. हमने यह सुनिश्चित किया कि ये सभी छात्र शैक्षणिक वर्ष पूरा करें और उनकी पढ़ाई में कोई नुकसान हो. फीस जमा ना करना स्कूल के वित्तीय प्रभाव डाल रहा था इसलिए हमने मातापिता से फीस जमा करने का अनुरोध किया था. हमारे पास फीस जमा ना करने वाले छात्रों को स्कूल से निकालने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था क्योंकि हमारे सभी प्रयास बेकार हो चुके थे. फीस जमा हो जाने पर स्कूल इन छात्रों दोबारा प्रवेश देने के लिये तैयार है.

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